अर्थतंत्र

चांदी 1,28,126 तो सोना 42,247 रुपये हुआ सस्ता! क्या यही है खरीददारी का मौका? एक्सपर्ट्स ने दिया जवाब

एक ही दिन में चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट आई, वहीं सोना भी 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया चांदी 1,28,126 तो सोना 42,247 रुपये हुआ सस्ता!

पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं, और बाजार में इन कीमती धातुओं को लेकर एक बुल रन देखा जा रहा था। निवेशकों और व्यापारियों का मानना था कि इनकी कीमतों में और उछाल आएगा और एक के बाद एक कई रिकॉर्ड बनेंगे, हुआ भी वहीं सोना औऱ चांदी के दाम उम्मीदों से कई ज्यादा हो गए, लेकिन जिस तेजी से इनकी कीमतें बढ़ी थीं, उसी तेजी से एक दिन में इनकी कीमतों में भारी गिरावट आई। सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट किसी झटके की तरह आई, जिससे बाजार में हलचल मच गई।

दरअसल, एक ही दिन में चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट आई, वहीं सोना भी 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया। इस अचानक हुई गिरावट ने बाजार को हिलाकर रख दिया है और निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।

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24 घंटे में ही धड़ाम हुआ सोना-चांदी

चांदी के बाजार में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त उछाल देखा जा रहा था, लेकिन अचानक इसका बुलबुला फूट गया। गुरुवार को चांदी की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई तक पहुंची थीं, जब 1 किलोग्राम चांदी का भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया था। यह पहली बार था जब चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंची थी।

हालांकि, शुक्रवार को वायदा कारोबार की समाप्ति के साथ ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट आई। बीते एक कारोबारी दिन में चांदी की कीमत में 1,07,971 रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह 2,91,922 रुपये प्रति किलो तक गिर गई। यानी एक ही दिन में 1 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। वहीं चांदी की तरह ही सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट आई। गुरुवार को सोने का 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 1,83,962 रुपये था, जो शुक्रवार को घटकर 1,50,849 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसका मतलब है कि सोने की कीमत में भी सिर्फ एक दिन में 33,113 रुपये की गिरावट आई है।

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ऑलटाइम हाई से 1,28,126 रुपये टूटा चांदी का भाव

ऑलटाइम हाई की बात करें तो गुरुवार को ही चांदी की कीमतों ने रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और ये 4,20,048 रुपये प्रति किलो के हाई लेवल पर पहुंच गई थी, लेकिन इस हाई लेवल से 1,28,126 रुपये महज एक दिन में ही सस्ती हो गई।

वहीं सोने के हाई लेवल से इसकी कीमत में आई गिरावट पर गौर करें, तो गुरुवार को ही गोल्ड रेट भी चांदी की तरह ताबड़तोड़ तेजी लेकर 1,93,096 रुपये के अपने लाइफ टाइम हाई पर पहुंचे थे और फिर अचानक इसमें ऐसी गिरावट आई कि सोना इस हाई से 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।

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सोने और चांदी की गिरावट के संभावित कारण

  • मुनाफा वसूली: माना जा रहा है कि सबसे प्रमुख कारण मुनाफा वसूली रहा है। जब सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंची, तो निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए इनकी बिकवाली शुरू कर दी। जैसे ही बिकवाली शुरू हुई, दोनों धातुओं की कीमतें तेजी से गिरने लगीं।

  • अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण भी सोना और चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो विदेशी निवेशकों के लिए इन कीमती धातुओं को खरीदना महंगा हो जाता है। इससे इन धातुओं की डिमांड घट जाती है और कीमतें गिरने लगती हैं।

  • US Treasury यील्ड का बढ़ना: इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी बढ़ी है। जब ट्रेजरी यील्ड बढ़ती है, तो निवेशकों को बॉन्ड्स से बेहतर रिटर्न मिलना शुरू हो जाता है, जिससे उनका रुख सुरक्षित निवेश की ओर मुड़ जाता है और सोना-चांदी जैसी असुरक्षित संपत्तियों से उनका विश्वास हट जाता है।

  • ग्लोबल तनाव में कमी और US Fed की नई नियुक्ति: डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और ग्लोबल तनाव में कमी के कारण भी निवेशकों का ध्यान सोना-चांदी से हटा। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व में जेरोम पॉवेल की जगह केविन वार्श की नियुक्ति की खबरों ने भी निवेशकों को प्रभावित किया, क्योंकि इससे बाजार में अस्थिरता का आभास हुआ और जोखिम-भरे निवेश से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी।

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क्या भविष्य में और गिरावट होगी?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट आ सकती है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी डॉलर की स्थिति और ट्रेजरी यील्ड पर किस तरह के संकेत मिलते हैं। अगर डॉलर और ट्रेजरी यील्ड मजबूत रहते हैं, तो सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी इनवेस्ट करने का सही समय नहीं है। इसलिए खरीददारी से बचें और बिना सलाह के कोई कदम ना उठाएं।

हालांकि, अगर वैश्विक परिस्थितियां बदलती हैं और फिर से बाजार में अस्थिरता आती है, तो सोना और चांदी को फिर से निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में देख सकते हैं और इनकी कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं।

(यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है, मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें)

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