
पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
इस बीच, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.25 प्रतिशत बढ़कर 78,151.45 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 50 261.55 अंक यानी 1.09 प्रतिशत उछलकर 24,334.30 पर पहुंच गया।
दिन के सत्र में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,186.87 से 183 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77370.77 पर खुला और एक समय यह 1,095.68 अंकों यानी 1.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,282.55 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,072.75 से 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,127.60 पर खुला और दिन के कारोबार के दौरान एक समय यह 294.55 अंक यानी 1.22 प्रतिशत की उछाल के साथ 24367.30 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया था।
हालांकि अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स दबाव में रहे और इनमें क्रमशः 0.41 प्रतिशत और 0.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी प्राइवेट बैंक 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष लाभ कमाने वाला सेक्टर रहा, इसके बाद निफ्टी आईटी में 1.75 प्रतिशत, निफ्टी बैंक 1.63 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.38 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 1.24 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी पीएसयू बैंक में भी बढ़त दर्ज की गई।
इसके विपरीत, निफ्टी फार्मा में 1.40 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर में 1.28 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.47 प्रतिशत और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इंडेक्स के दिग्गज शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं
निफ्टी 50 में टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस और आईसीआईसीआई के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई, जबकि नुकसान उठाने वाले शेयरों में हिंडाल्को, डॉ रेड्डीज लैब्स, विप्रो, सन फार्मा, अपोलो हॉस्पिटल और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे।
एक बाजार विशेषज्ञ ने बताया कि बाजार ने पिछले पांच दिनों से जारी कंसोलिडेशन (सीमित दायरे में कारोबार) को तोड़ते हुए ब्रेकआउट दिया है, जो ट्रेडर्स और निवेशकों के बीच बढ़ते भरोसे और सकारात्मक रुझान का संकेत है। तकनीकी रूप से बाजार का ओवरऑल ट्रेंड मजबूत बना हुआ है, क्योंकि निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा, आरएसआई में भी बुलिश क्रॉसओवर देखने को मिला है, जिससे बाजार में तेजी की मजबूती और बढ़ गई है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में निफ्टी में मजबूती बने रहने की संभावना है और यह 24,800 के स्तर तक बढ़ सकता है। वहीं, नीचे की ओर 24,200 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में महत्वपूर्ण रहेगा। यदि इंडेक्स इस स्तर के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो बाजार में कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन (सीमित दायरे में कारोबार) देखने को मिल सकता है।