अर्थतंत्र

अर्थ जगत की 5 बड़ी खबरें: अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा को लेकर आई बड़ी खबर और रघुराम राजन ने सरकार को दिया ये सलाह

अपने बारे में सभी अटकलों को समाप्त करते हुए, अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा सार्वजनिक रूप से फिर से नजर आए। RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार को अपने खर्चों की प्राथमिकता तय करनी चाहिए।

फोटो: IANS
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अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा महीनों बाद हुए सार्वजनिक

अपने बारे में सभी अटकलों को समाप्त करते हुए, अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा सार्वजनिक रूप से फिर से नजर आए। जैक मा के गायब होने की खबरें ऐसे समय आई थी, जब चीनी नियामकों ने उनकी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी थी। उन्हें दोबारा देखे जाने की खबर चीनी सोशल मीडिया से मिली, जहां उन्हें एक वीडियो में देखा जा सकता है।सीएनबीसी ने बताया कि वीडियो में मा को ग्रामीण शिक्षकों को उनकी एक चैरिटी फाउंडेशन की पहल के तहत संबोधित करते देखा जा सकता है।इय वार्षिक समारोह की मेजबानी ग्रामीण शिक्षकों की उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए की जाती है।जैक मा फाउंडेशन के एक प्रवक्ता ने कहा, "जैक मा ने 20 जनवरी को वार्षिक ग्रामीण शिक्षक पहल कार्यक्रम के ऑनलाइन समारोह में भाग लिया।"चीन के वित्तीय नियामक की आलोचना करने वाली कुछ टिप्पणियों के सामने आने के बाद वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे, जिसके बाद उनके लापता होने के कयास लगाए जाने लगे थे।

पेट्रोल, डीजल के दाम में वृद्धि पर ब्रेक, कच्चे तेल में तेजी जारी

ट्रोल और डीजल के दाम में लगातार दो दिनों की वृद्धि के बाद बुधवार को ब्रेक लग गया, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में लगातार दूसरे सत्र में तेजी जारी थी। देश में पेट्रोल का भाव इस समय सर्वाधिक उंचे स्तर पर है और कच्चे तेल में तेजी रहने से दोनों वाहन ईंधनों की महंगाई आगे और बढ़ सकती है। क्योंकि भारत तेल की अपनी जरूरतों का अधिकांश हिस्सा आयात करता है। अमेरिका में नव निर्वाचित राष्ट्रपति के सत्ता संभालने पर आगे बड़े प्रोत्साहन पैकेज आने की उम्मीदों से तेल में तेजी देखी जा रही है, क्योंकि इससे तेल की मांग में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, तेल के स्टॉक में कमी का अनुमान भी एक कारण हो सकता है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें पूर्ववत क्रमश: 85.20 रुपये, 86.63 रुपये, 91.80 रुपये और 87.85 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई हैं।

डीजल की कीमतें भी भी यथावत दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में क्रमश: 75.38 रुपये, 78.97 रुपये, 82.13 रुपये और 80.67 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई हैं।

आधुनिक ई वाहन और उससे जुड़े उपकरण इजाद करेगा आईआईटी दिल्ली

आईआईटी दिल्ली इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के क्षेत्र में नए शोध व अनुसंधान करेगी। आईआईटी दिल्ली के छात्र एवं प्रोफेसर किफायती बैटरी, चार्जर और पूरा इलेक्ट्रॉनिक वाहन बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। आईआईटी का यह शोध व अनुसंधान पूरा होने पर इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के क्षेत्र में नई क्रांति आ सकती है। केंद्र सरकार के चार महत्वपूर्ण मंत्रालय और वाहन निर्माता कंपनियां इस मिशन में आईआईटी दिल्ली के साथ आए हैं। आईआईटी दिल्ली ने बुधवार को इस सिलसिले में हुंडई मोटर इंडिया फाउंडेशन के साथ एक ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने आईआईटी को एक ई वाहन के जरिये अपनी तकनीक मुहैया कराई है।

नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के तहत वाहन निर्माता कंपनी ने आईआईटी दिल्ली को रिसर्च के लिए अपनी एक आधुनिक इलेक्ट्रिक कार दान दी है।

शेयर बाजार आज हरे निशान में बंंद, 50 हजार से बस चंद कदम दूर सेंसेक्स

हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 49,508.79 पर खुला और सुबह बजे 10 बजे के आसपास 209 अंकों की उछाल के साथ 49,607.15 पर पहुंच गया।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 17 अंक की तेजी के साथ पर 14,538.30 खुला और थोड़ी ही देर में 14,592.40 तक पहुंच गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 393.83 अंकों की तेजी के साथ 49,792.12 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 123 अंकों की तेजी के साथ 14,644.70 पर बंद हुआ।

सरकार PSU में बेचे हिस्सेदारी, खर्चों की करे प्राथमिकता तय: रघुराम राजन

फोटो: सोशल मीडिया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर और प्रमुख अर्थशास्त्री रघुराम राजन का कहना है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार को अपने खर्चों की प्राथमिकता तय करनी चाहिए। साथ हीअपनी माली हालत सुधारने के लिए लोक उपक्रमों (PSU) में हिस्सेदारी बेचने पर गौर करना चाहिए।

पीटीआई की खबर के मुताबिक रघुराम राजन ने कहा वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए जाने वाले बजट में ''सरकार को खर्च की प्राथमिकता तय करनी होगी, मतलब कि उसे सोचना होगा कि किस मद में खर्च जरूरी है। जैसे गरीब परिवारों और छोटे कारोबारियों को राहत पहुंचाई जाए।'' इसके बाद सरकार को अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के उपाय करने चाहिए। हालांकि उन्होंने इस बारे में और विस्तार से बात नहीं की।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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