
देशभर में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे आपराधिक के मामले डराने वाले हैं। हर दिन कुछ ऐसा सुनने को मिलता है कि रूह कांप जाती है।
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सोशल मीडिया पर फिल्म के दो साल पूरे होने पर पोस्ट शेयर किया है जिसमें अभिनेत्री का कहना है कि साल बदल रहे हैं लेकिन देश के हालातों में कोई बदलाव नहीं है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर लिखा, "दो साल पहले, भक्षक ने सीमाओं को पार किया, दुनिया के हर कोने से संदेश आने लगे, सिर्फ इसलिए नहीं कि लोगों ने इसे देखा, बल्कि इसलिए कि लोगों ने इसे महसूस किया। मैं तब अभिभूत थी लेकिन आज मेरा दिल टूट गया है क्योंकि सच्चाई यह है कि यह कहानी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। महिलाओं और बच्चों पर यौन हिंसा हम सभी के जीवन का मूल आधार बनती जा रही है।"
उन्होंने आगे लिखा, "पिछले कुछ हफ्तों ने हमें याद दिलाया है कि बच्चों के लिए दुनिया कितनी असुरक्षित हो सकती है। किसी भी बच्चे को खतरे के प्रति अत्यधिक सजग होकर बड़ा नहीं होना चाहिए। यह बोझ हमारा है, उनका नहीं। बच्चों को स्वतंत्रता का अधिकार है-खेलने का और अपनी पसंद के कपड़े पहनने का, न कि समाज में बढ़ते अपराध का बोझ उठाने का।"
भूमि ने आगे लिखा, "भक्षक मेरे लिए हमेशा खास रहेगी। इस साहसी कहानी को पर्दे पर उतारने वाली टीम को, इस खूबसूरत फिल्म की कहानी लिखने के लिए और मुझे वैशाली के किरदार में देखने के लिए दर्शकों का दिल से शुक्रिया।"
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सदी के महानायक हर रविवार को फैंस से मिलने की परंपरा को 40 साल से निभा रहे हैं और इस परंपरा की शुरुआत फिल्म 'कुली' के सेट पर चोटिल होने के बाद की थी।
फैंस भारी संख्या में अभिनेता से मिलने पहुंचे थे। आज भी अभिनेता परंपरा को निभा रहे हैं, लेकिन बीते रविवार को फैंस का प्यार देखकर अभिनेता खुशी से गदगद हो गए हैं और उन्होंने फैंस का दिल से धन्यवाद देते हुए अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता साथ शेयर की है।
अमिताभ बच्चन अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ न कुछ शेयर करते हैं, और अब उन्होंने दर्शकों के लिए एक थैंक्यू नोट पोस्ट किया है और पिता द्वारा लिखी गई कविता पर प्यार लुटाने के लिए धन्यवाद कहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कल के फेसबुक पर, आप सबके उत्तर पढ़कर हृदय भावुक हो उठा, बहुत-बहुत आभार। आपके कुछ विचारों ने पूज्य बाबूजी की एक और बहुत ही महत्वपूर्ण कविता की याद दिला दी। कविता लंबी है, लेकिन आप सबके भावों को पढ़कर, उस कविता के कुछ शब्द यहाँ लिख रहा हूं।"
उन्होंने आगे लिखा, "कविता का शीर्षक है, 'क्या करूं संवेदना लेकर तुम्हारी क्या करूं।' 'कौन है जो दूसरों को दुख अपना दे सकेगा, कौन है जो दूसरों से दुख उसका ले सकेगा, उस नयन से बह सकी कब इस नयन की अश्रु धारा, तुम दुखी हो तो सुखी मैं, विश्व का अभिशाप भारी... क्या करूं संवेदना लेकर तुम्हारी क्या करूं।' कभी अवसर मिला तो इस कविता को लिखने के पीछे की कहानी को आपसे बताऊंगा, जिसने बाबूजी को प्रेरित किया।"
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फिल्म निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप की 'केनेडी' 20 फरवरी को जी5 पर प्रीमियर के लिए तैयार है। फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज हो चुका है, जिसमें हिंसा, दर्द और मुक्ति की जद्दोजहद देखने को मिली। अभिनेता राहुल भट्ट ने अपनी अपकमिंग फिल्म में निभाए किरदार की खासियत गिनाई।
फिल्म के ट्रेलर में गहरी कहानी की झलक देखने को मिलती है। ट्रेलर खामोशी, गुस्से और जिंदा रहने के संघर्ष से भरी दुनिया में ले जाता है। राहुल भट्ट ने अपने किरदार के बारे में जानकारी देते हुए बताया, “केनेडी का रोल निभाने से मैं खुद बदल गया। वह अकेला है, बहुत गुस्सैल है और अंदर से कमजोर भी है। वह लगातार अपने अतीत से भाग रहा है। उसकी खामोशी और गुस्से में जीने की आशा कमजोर और थकाने वाली है, लेकिन बहुत कुछ सिखाने वाली भी है। दर्शकों का जुड़ाव देखकर मुझे खुद पर और भी भरोसा हुआ। अब मैं बेसब्री से दर्शकों के सामने केनेडी के दर्द, उसकी यात्रा और आजादी की तलाश को देखने का इंतजार कर रहा हूं।”
फिल्म की कहानी मुंबई की अंडरवर्ल्ड पर आधारित है। केनेडी उदय शेट्टी (राहुल भट्ट) एक पूर्व पुलिस अधिकारी है, जो अब कॉन्ट्रैक्ट किलर बन चुका है। वह कैब ड्राइवर के रूप में दोहरी जिंदगी जीता है और भ्रष्ट पुलिस कमिश्नर रशीद खान के लिए हत्याएं करता है। अपने बेटे को खोने और टूटे परिवार के दर्द से जूझते हुए केनेडी एक ऐसे शहर में पहुंच जाता है, जो उसके अतीत को सामने ले आता है। उसे बम धमाकों, वसूली रैकेट और ताकतवर लोगों की साजिश में फंसाया जाता है। फिर शुरू होती है सच्चाई, बदला और आजादी की हिंसक दौड़।
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अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी योगासन और हेल्दी लाइफस्टाइल से फैंस के बीच खास पहचान रखती हैं। वे न सिर्फ अपनी फिटनेस से स्वास्थ्य का खास ख्याल रखती हैं, बल्कि कई लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल जीने के लिए प्रेरित भी करती हैं। सोमवार को अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर व्याघ्रासन करते हुए वीडियो पोस्ट किया।
अभिनेत्री ने इस वीडियो के जरिए व्याघ्रासन करने के साथ-साथ इसके महत्व पर प्रकाश डाला है। शिल्पा ने लिखा, "शांति की ओर बढ़ते हुए।"
शिल्पा ने इसके महत्व के बारे में बताया, "यह आसन शरीर का संतुलन सुधारता है और दिमाग व शरीर के बीच बेहतर तालमेल बनाता है। इससे बेहतर को-ऑर्डिनेशन और फोकस बढ़ता है। वहीं, कमर की मांसपेशियां, नितंब, जांघों के पीछे की मांसपेशियां और पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इससे कोर स्ट्रेंथ बढ़ती है।"
फायदे बताने के साथ अभिनेत्री ने उन लोगों को अभ्यास करने के लिए भी मना किया जो कमर में दर्द (स्लिप डिस्क) या घुटनों से जुड़ी समस्या से जूझ रहे हैं।
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साल 1984 की एक्शन-ड्रामा फिल्म 'मशाल' ने सोमवार को अपनी रिलीज के 42 साल पूरे कर लिए हैं। इस फिल्म में अभिनेता अनिल कपूर दिलीप कुमार और अमरीश पुरी के साथ नजर आए थे। इस फिल्म ने अभिनेता अनिल कपूर को बड़ी पहचान दिलाई थी।
अभिनेता अनिल कपूर ने इंस्टाग्राम के जरिए फिल्म मशाल के 42 साल पूरे होने की खुशी जाहिर की। उन्होंने स्टोरीज सेक्शन पर फिल्म का पोस्टर पोस्ट किया। अनिल ने लिखा, "फिल्म मशाल के 42 साल पूरे होने का जश्न।"
यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित फिल्म एक सामाजिक कहानी पर आधारित थी, जिसमें अपराध, न्याय और परिवार की भावनाओं को खूबसूरती से पेश किया गया था।
यह फिल्म मराठी नाटक 'आश्रूंची झाली फुले' पर आधारित थी। फिल्म की कहानी जावेद अख्तर ने लिखी। बताया जाता है कि सलीम-जावेद की जोड़ी टूटने के बाद बतौर सोलो राइटर के तौर पर ये जावेद अख्तर की पहली फिल्म थी।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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