
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन में स्वयंसेवी के तौर पर शामिल गाजियाबाद निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने विरोध प्रदर्शन में उसकी भूमिका के कारण गाजियाबाद में उसके परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया और मेरठ में उसके रिश्तेदारों को परेशान किया।
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों को मुफ्त भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराने वाले स्वयंसेवी मोहम्मद जुनैद ने शुक्रवार को विरोध स्थल पर मीडियाकर्मियों को बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस उनके परिवार के सदस्यों को ले गई और उनके घर की तलाशी के दौरान उनकी बैंक पासबुक और पैन कार्ड जब्त कर लिए।
उनके परिवार के अनुसार, गाजियाबाद के मसूरी थाने की पुलिस बृहस्पतिवार शाम नाहल गांव स्थित उनके आवास पर पहुंची और परिसर की तलाशी ली।
उन्होंने आरोप लगाया कि जुनैद के पिता मुस्तफा को पुलिस ले गई और परिवार के सदस्यों की बैंक पासबुक और पैन कार्ड भी ले लिए गए।
जुनैद की बहन ने मीडियाकर्मियों को बताया कि पुलिस ने उसके पिता से जुनैद को फोन करने और घर लौटने के लिए कहने को कहा। जुनैद ने यह भी आरोप लगाया कि पड़ोसी जिले मेरठ में उसके रिश्तेदारों को भी पुलिस ने परेशान किया।
हालांकि, मेरठ पुलिस ने जुनैद के परिवार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई किए जाने से इनकार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है।''
पुलिस अधीक्षक (शहर) विनायक गोपाल भोंसले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मेरठ पुलिस ने सभी थाना प्रमुखों के साथ दावों का सत्यापन किया और पाया कि जुनैद के परिवार के किसी भी सदस्य को जिला पुलिस ने हिरासत में नहीं लिया है।
भोंसले ने कहा, "अगर किसी अन्य जिले की पुलिस ने कोई कार्रवाई की है, तो विवरण उस जिले के पास उपलब्ध होगा।"
सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि जुनैद के पिता और एक नाबालिग भाई को हिरासत में लिया गया और मेरठ में उसकी बहन के ससुर और बहनोई को भी हिरासत में लिया गया।
बार-बार प्रयास करने के बावजूद गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।
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