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कोरोना: एयरलाइंस ने ‘बीच की सीट खाली रखने’ के सरकार के प्रस्ताव को ठुकराया, कहा- पहले से ही हम घाटे में हैं

हवाई यात्रा के लिए सरकार ने प्रस्ताव रखा था कि बीच की सीट खाली रख कर हवाई सेवाएं दोबारा शुरू की जा सकती हैं। हालांकि एयरलाइंस ने सरकार के इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए सुझाव दिया है। 

  फोटो: सोशल मीडिया    
  फोटो: सोशल मीडिया    

कोरोना वायरस से बचने के लिए और इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन किया गया है। सरकार की तरफ से लोगों से घरों से बाहर निकलने के अलावा लगातार सोशल डिस्टेंसिंग की भी बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग एक कारगर उपाय है और इसी के जरिए कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सकता है। यही वजह है कि बस, रेल और हवाई सफर के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग रखने के बारे में सोचा जा रहा है।

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एयरलाइंस ने ठुकराया सरकार का प्रस्ताव

इस बीच खबर है कि हवाई सेवा शुरू करने को लेकर सरकार ने एक प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव में कहा गया कि विमान की बीच की सीट खाली रखकर हवाई सेवाएं फिर से शुरू की जा सकती हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि एयरलाइंस ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। इसके साथ ही एक सुझाव भी दिया है। एयरलाइंस के प्रमोटर्स ने सरकार के इस प्रस्ताव को ठीक नहीं बताते हुए कहा है कि इस तरह से यात्रियों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती है। अगर ऐसा करते हैं तो इससे एयरलाइंस की अर्थव्यवस्था और भी खराब हो जाएगी, जो पहले से ही कोरोना महामारी की वजह से बेहद खराब है।

एयरलाइंस ने सरकार को दिया सुझाव

एयरलाइंस ने सुझाव देते हुए कहा कि सूट, ग्लव्स और मास्क जैसे पीपीई यानी पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए। ये न सिर्फ यात्रियों, बल्कि क्रू मेंबर्स के लिए भी जरूरी होने चाहिए। स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि बीच की सीट खाली रखने से दो लोगों के बीच में जरूरी दूरी नहीं रखी जा सकती है, जिससे वह सुरक्षित रहें, बल्कि मास्क और ग्लव्स के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। इससे पहले डीजीसीए ने भी ये तय किया था कि जब एयरलाइन सेवाएं शुरू होंगी तो फ्लाइट में बीच वाली सीट खाली रखी जाएगी। हालांकि इसपर एयरलाइंस ने साफ कहा कि बीच वाली सीट खाली रखने से 2 मीटर की दूरी सुनिश्चित नहीं की जा सकती है, जो कि स्वास्थ्य एजेंसियों ने सुझाया है।

भविष्य में कोई ऑन-बोर्ड भोजन नहीं होना चाहिए: एयर इंडिया

वहीं एयर इंडिया का कहना है, 'यात्रियों को ये सूचित कर दिया जाएगा कि विमान में यात्रा के लिए मास्क और गलव्स अनिवार्य हैं। उन्हें विमान की यात्रा पूरी होने तक ये दोनों उतारने की अनुमति नहीं होगी। केबिन क्रू को भी प्रशिक्षित किया जा सकता है कि वे इसके लिए वैसे ही दिशा-निर्देश दें जैसे कि सीट बेल्ट बांधने के लिए देते हैं।' एयरलाइंस इस बात पर भी सहमत हुई हैं कि निकट भविष्य में कोई ऑन-बोर्ड भोजन नहीं होना चाहिए ताकि लोग मास्क न उतार पाएं। एयर इंडिया ने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ड्रॉपलेस्ट दूसरों को संक्रमित न कर सकें। उचित संरक्षण और सामाजिक दूरी से यह सुनिश्चित किया जाएगा।'

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