
विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों के बीच महाराष्ट्र से एक ऐसी खबर आई है जिससे, चुनाव आयोग के ऊपर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, नवी मुंबई की एक दुकान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय कार्यकर्ता को मतदाताओं की जानकारी वाले 3,000 से ज्यादा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) फॉर्म की फोटोकॉपी करते हुए पकड़ा गया। इस मामले के सामने आने के बाद आनन-फानन में पांच बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) को निलंबित कर दिया गया।
यह मामला तब सामने आया जब शिवसेना (यूबीटी) के एक स्थानीय नेता ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के पदाधिकारी सूरज पाटिल को खारघर की एक दुकान पर पनवेल विधानसभा क्षेत्र से जुड़े 3,404 एसआईआर फॉर्म के साथ पकड़ा।
उन्होंने बताया कि संबंधित प्रशासन को इसकी सूचना दी गई जिसके बाद राजस्व अधिकारियों ने जब्त दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदार ने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई और पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार जब्त दस्तावेजों में पनवेल विधानसभा क्षेत्र (क्रमांक 188) के असली एसआईआर फॉर्म शामिल थे, जिनमें मतदाताओं के फोटो, निजी जानकारी और बीएलओ के आधिकारिक हस्ताक्षर थे।
रायगढ़ के जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे अधिकारियों ने दस्तावेज़ों की जांच की और पाया कि वे असली थे और यह बीएलओ की जिम्मेदारी थी। इसलिए, हमने उस इलाके के पांच बीएलओ को निलंबित कर दिया।’’
खारघर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत पाटिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बताया कि पाटिल को हिरासत में लिया गया और रिहा करने से पहले कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें नोटिस दिया गया।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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