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'जान जोखिम में न डालें, यह सरकार लोकतांत्रिक विरोध नहीं सुनती', सोनम वांगचुक से मिले पवन खेड़ा

पवन खेड़ा ने कहा, "आज मैं यही संदेश लेकर सोनम वांगचुक और उनके साथियों के पास आया हूं। मैंने उनसे कहा कि वे अपनी जान खतरे में न डालें, क्योंकि यह ऐसी सरकार नहीं है जो लोकतांत्रिक विरोध को सुनती हो और उस पर प्रतिक्रिया देती हो।"

सोनम वांगचुक से मिले पवन खेड़ा (फोटो: @Pawankhera)
सोनम वांगचुक से मिले पवन खेड़ा (फोटो: @Pawankhera) 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से शुक्रवार को कांग्रेस राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सोनम वांगचुक और उनके साथ अनशन कर रहे अन्य साथियों से अपनी जान जोखिम में न डालने की अपील की।

पवन खेड़ा ने कहा कि गुरुवार को कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि एक असंवेदनशील सरकार के सामने विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे आंदोलनकारियों की जान पर बन आए।

पवन खेड़ा ने कहा, "आज मैं यही संदेश लेकर सोनम वांगचुक और उनके साथियों के पास आया हूं। मैंने उनसे कहा कि वे अपनी जान खतरे में न डालें, क्योंकि यह ऐसी सरकार नहीं है जो लोकतांत्रिक विरोध को सुनती हो और उस पर प्रतिक्रिया देती हो।"

इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी जलवायु कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी उनका अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की अपील की थी।

सपा प्रमुख ने मंगलवार को फोन पर वांगचुक का हालचाल भी जाना और उनके आंदोलन को अपनी पार्टी का "खुला समर्थन" देने की बात कही।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ‘‘सोनम वांगचुक से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वह अपना अनशन समाप्त कर दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है, क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी लोकतंत्र के लिए।’’

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस सरकार को जगाने के लिए वांगचुक आमरण अनशन कर रहे हैं, उससे संवेदनशीलता की उम्मीद करना व्यर्थ है। 

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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