
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने कहा है कि निर्वाचन आयोग राज्य में जारी एसआईआर कवायद को संचालित करने के लिए बीजेपी के आईटी प्रकोष्ठ द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहा है।
दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में आगामी गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अपने दो दिवसीय दौरे के समापन से पहले बनर्जी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ‘‘हर तरह के गलत हथकंडे अपना’’ रहा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग एसआईआर कराने के लिए हर तरह के गलत हथकंडे अपना रहा है। यह योग्य मतदाताओं को ‘मृत’ घोषित कर रहा है और बुजुर्गों, बीमारों तथा अस्वस्थ लोगों को सुनवाई में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहा है। इसके लिए वह बीजेपी के आईटी प्रकोष्ठ द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहा है। यह गैरकानूनी, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह अब और नहीं चल सकता।’’
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तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने यह आरोप उस दिन लगाया जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर कहा कि चुनाव निकाय ने पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर के लिए ‘‘मनमानी और प्रक्रियात्मक रूप से अनियमित कार्रवाइयों’’ का सहारा लिया है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने राज्य में ‘‘योग्य और वास्तविक मतदाताओं के लिए काफी कठिनाइयां पैदा कर दी हैं’’।
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बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं लोगों से आग्रह करती हूं कि वे एसआईआर में भाग लेते समय सावधानी बरतें। उन्हें जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। उन्हें मेरा समर्थन करने की जरूरत नहीं है; केवल उन लोगों का समर्थन करें जो इस कवायद के कारण परेशानी में हैं।’’
विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग के साथ अपने टकराव को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि वह राज्य में एसआईआर के दौरान किए गए ‘‘अमानवीय’’ आचरण के खिलाफ अदालत का रुख करेंगी।
उन्होंने कहा था कि इस प्रक्रिया से जुड़े भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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