
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को खत्म करना गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान उनका दल इस मुद्दे को उठाएगा।
Published: undefined
उन्होंने कांग्रेस के नवगठित प्रकोष्ट ‘रचनात्मक कांग्रेस’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस मनरेगा की बहाली के लिए देश भर में व्यापक आंदोलन शुरू कर रही है।
खड़गे ने कहा, ‘‘देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन करने जा रही है। मनरेगा को खत्म करना, सिर्फ कमजोर तबकों पर प्रहार नहीं है। यह महात्मा गांधी जी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार है कि कोई दल किसी योजना का महात्मा गांधी पर रखा गया नाम हटाने की हिमाकत कर रहा है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
Published: undefined
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा को ख़त्म करने का काम इसलिए कर रही है, ताकि देश के दबे-कुचले लोगों को 'बंधुआ मजदूर' बनाया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर अमीरों के हाथ में सौंपने जा रहे हैं ताकि लोग अमीरों के इशारों पर, उनकी मर्जी के पैसों पर काम करें। मनरेगा से लोगों को 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी, जिसे तबाह करने का काम किया जा रहा है। हमें मनरेगा और काम के अधिकार को बचाने की लड़ाई लड़नी है।’’
Published: undefined
खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘मनरेगा बचाने की लड़ाई बहुत लंबी है। हम इस लड़ाई को एक जगह पर बैठकर या नारे लगाकर नहीं लड़ सकते। जब तक सरकार नए कानून को वापस नहीं लेगी और मनरेगा को फिर से बहाल नहीं करेगी, तब तक हम लड़ते रहेंगे।’’
उनका कहना था कि मनरेगा को ख़त्म कर सरकार ने ग्रामीण भारत के गरीबों, कमजोर तबकों पर हमला किया है, जिसका देशभर में विरोध हो रहा है।
खड़गे ने कहा, ‘‘जल्द ही बजट सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें हम मनरेगा के मुद्दे को उठाएंगे।’’
Published: undefined
पीटीआई के इनपुट के साथ
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined