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'संविधान सभा के 264 सदस्यों ने ठीक 76 साल पहले भारतीय संविधान पर किए थे हस्ताक्षर', जयराम रमेश ने शेयर की तस्वीरें

जयराम रमेश ने कहा कि अगस्त 1954 में स्थापित ललित कला अकादमी ने इस चित्रित संविधान को ‘‘एक मौलिक कला ग्रंथ’’ बताया, जो भारत के बहुस्तरीय इतिहास को दर्शाता है और ‘‘विविधता में एकता’’ के सूत्रों का उत्सव मनाता है।

फोटो: @Jairam_Ramesh
फोटो: @Jairam_Ramesh 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संविधान निर्माण की यात्रा के एक पड़ाव का जिक्र करते हुए शनिवार को कहा कि ठीक 76 साल पहले संविधान सभा के 264 सदस्यों ने भारत के संविधान पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किये थे।

रमेश ने इस बात का भी जिक्र किया कि इन सभी सदस्यों ने एक साथ तस्वीर भी खिंचवाई थी।

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उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज से 76 वर्ष पहले, संविधान सभा के 264 सदस्यों ने भारतीय संविधान पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए थे जिसे वे पहले ही 26 नवंबर 1949 को अपना चुके थे। उन्होंने इसकी तीन प्रतियों पर हस्ताक्षर किए जिनमें से दो अंग्रेजी और एक हिंदी में हस्तलिखित थीं और उनमें शांतिनिकेतन के उन कलाकारों द्वारा बनाए गए 22 चित्रांकन शामिल थे, जिनका नेतृत्व स्वयं नंदलाल बोस ने किया था।’’

उन्होंने बताया कि अंग्रेजी में सुंदर कैलिग्राफी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने की थी जबकि हिंदी में यह कार्य वसंत के. वैद्य ने किया था।

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रमेश ने कहा, ‘‘इन हस्तलिखित प्रतियों के पहले पन्ने पर राष्ट्रीय प्रतीक अंकित था, जिसे दीनानाथ भार्गव ने डिजाइन किया था। नंदलाल बोस के आग्रह पर उन्होंने कुछ महीनों तक कोलकाता के चिड़ियाघर में जाकर शेरों का अध्ययन किया, ताकि प्रतीक में बने शेर बिल्कुल असली शेरों जैसे दिखें।’’

उन्होंने कहा कि अगस्त 1954 में स्थापित ललित कला अकादमी ने इस चित्रित संविधान को ‘‘एक मौलिक कला ग्रंथ’’ बताया, जो भारत के बहुस्तरीय इतिहास को दर्शाता है और ‘‘विविधता में एकता’’ के सूत्रों का उत्सव मनाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘उसी दिन सदस्यों ने एक साथ बैठकर सामूहिक फ़ोटो खिंचवाई थी-जो समय से परे, एक ऐतिहासिक स्मृति बन गई।’’

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पीटीआई के इनपुट के साथ

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