
कर्नाटक के बीजेपी विधायक अरविंद लिंबावली द्वारा एक महिला कार्यकर्ता को सार्वजनिक रूप से धमकी देने की घटना शनिवार को बेंगलुरु से सामने आई है। विधायक लिंबावली द्वारा की गई टिप्पणियों से लोगों में आक्रोश है और वे इसकी निंदा कर रहे है।
रूथ सागे मैरी, जो कांग्रेस पार्टी के लिए भी काम करती हैं, ने शनिवार को बताया कि उसने व्हाइटफील्ड में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा के दौरान बीजेपी विधायक लिंबावली से जमीन पर कब्जे को लेकर बात की थी। इस दौरान वह जब विधायक को शिकायत पत्र सौंप रही थी तो वे गुस्सा हो गए और उन्होंने उससे याचिका छीनने की भी कोशिश की। रूथ ने कहा, "विधायक लिंबावली ने पुलिस को बार-बार मुझे जेल से डालने के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस मुझे थाने में घसीटते हुए ले गई और वहां मुझे बैठा दिया।"
कार्यकर्ता ने कहा कि बीबीएमपी 1971 में बनी उनकी संपत्ति को ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है। चाहे जो भी समस्या हो, विधायक सार्वजनिक स्थान पर महिला के साथ ठीक से व्यवहार कर सकते थे। रूथ ने आरोप लगाया कि रात 10 बजे तक उसे थाने में रखा गया और कोई कॉल करने की अनुमति नहीं दी गई।
उसने यह भी आरोप लगाया कि विधायक लिंबावली ने उसका हाथ खींचने की कोशिश की और वह उसे मारने के लिए भी आए थे। वहीं अपने बचाव में लिंबावली ने कहा है कि उन्होंने केवल महिला को अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था।
वरिष्ठ नेता और कांग्रेस विधायक दिनेश गुंडू राव ने मांग की कि राज्य महिला आयोग को इस घटना पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, राजस्व विभाग के अधिकारी पार्थसारथी ने रूथ के खिलाफ व्हाइटफील्ड पुलिस स्टेशन में उनकी ड्यूटी में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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