
मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य को स्पेशल स्टेटस देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 के एक खंड को छोड़कर बाकी सभी खंडों को खत्म कर दिया है। स्पेशल स्टेटस छीनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया गया है। जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश है, लेकिन यहां पर विधानसभा भी है। यानी ये दिल्ली की तरह काम करेगा, जहां राज्य सरकार तो होगी लेकिन राज्य केंद्र शासित प्रदेश रहेगा। जम्मू-कश्मीर से पूर्ण राज्य का दर्जा भी छिन गया है। वहीं अब सवाल यह है कि अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) का क्या होगा? कई दलों और नेताओं का कहना है कि सरकार का अगला एजेंडा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस हासिल करना होना चाहिए।
Published: 06 Aug 2019, 2:14 PM IST
भारत हमेशा से ही पीओके को भी अपना हिस्सा मानता रहा है। लेकिन ऐसे में यह सवाल उठता है कि धारा अनुच्छेद 370 के खत्म हो जाने के बाद पीओके को लेकर भारत सरकार का रूख क्या रहेगा? सवाल ये भी है कि क्या जम्मू-कश्मीर को दो भागों में बांटने के बाद भारत ने पीओके पर अपना दावा छोड़ दिया है?
Published: 06 Aug 2019, 2:14 PM IST
हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी हमारा हिस्सा है और वो भारत का आंतरिक भूभाग है। वहीं अब इस पर भी चर्चा हो रही है कि भारत के इस कदम के बाद पाकिस्तान का क्या रूख रहता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान अब कश्मीर में हिंसा भड़काने की कोशिश कर सकता है। पाकिस्तान इस मुद्दे को यूनाइटेड नेशन में उठाने की बात पहले ही कह चुका है।
Published: 06 Aug 2019, 2:14 PM IST
बता दें कि 1947 में पाकिस्तान ने कश्मीर के इस हिस्से पर कब्जा जमा लिया था। इसकी सीमा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत, उत्तरपूर्व में अफगानिस्तान, चीन के शीनजियांग और पूर्व में भारत के हिस्से वाले कश्मीर से लगती है। कहने को पीओके के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी होते हैं लेकिन असल में यहां पूरी तरह से पाकिस्तानी सेना का कब्जा है।
Published: 06 Aug 2019, 2:14 PM IST
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Published: 06 Aug 2019, 2:14 PM IST