
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विवादास्पद 'कॉकरोच जनता पार्टी' अभियान पर अपनी राय रखी है। थरूर ने कहा कि इस अभियान और इससे संबंधित उनके इंटरव्यू पर मिली प्रतिक्रियाओं का वे स्वागत करते हैं।
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थरूर ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "कई यूजर्स इसे पाकिस्तान की साजिश बताकर खारिज कर रहे हैं लेकिन यह बात बहुत सरल है। अभिजीत दिपके का दावा है कि उनके 94 प्रतिशत फॉलोअर्स भारत में हैं। सच चाहे जो भी हो लेकिन मेरा मानना है कि लोकतंत्र में ऐसी आवाजों को दबाना बेवकूफी है।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह लोगों की भावनाओं, निराशा और शिकायतों को ज़ाहिर करने के लिए मंच देता है। इन बातों को किसी व्यंग्य वाली साइट पर जाहिर होने देना असल में देश के हित में ही है।
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थरूर के अनुसार, युवाओं के बीच मौजूद राष्ट्रीय भावनाओं के एक महत्वपूर्ण पहलू को इस अभियान ने छुआ है, भले ही इसके संस्थापकों की मंशा कुछ भी रही हो। शशि थरूर ने इस तरह के आंदोलनों की तुलना प्रेशर कुकर के वॉल्व से की। उन्होंने कहा, "ये वॉल्व अंदर की भाप को बाहर निकलने देते हैं। अगर इन्हें बंद कर दिया जाए तो दबाव इतना बढ़ जाएगा कि कुकर फट जाएगा। मैं अफरातफरी और अराजकता के बजाय व्यंग्य को बेहतर मानता हूं।"
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थरूर ने सरकार और विपक्ष दोनों को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं की नाराजगी को नजरअंदाज करना, इनकार करना या दबाना घातक साबित होगा। उन्होंने जोर दिया कि 'यंग इंडिया' की समस्याओं को पहचानना और उनका समाधान निकालना हम सबकी जिम्मेदारी है।
अंत में थरूर ने अपील की, "चलिए, इस पर लगा बैन हटाते हैं और उनकी बात पर ध्यान देते हैं।" उन्होंने कहा कि लोगों की दबी हुई नाराजगी को दूर करने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को जागना होगा।
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आईएएनएस के इनपुट के साथ
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