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'ममता बनर्जी चुनाव हार ही नहीं सकतीं, पूरे मामले की जांच जरूरी', संजय राउत ने चुनाव आयोग को भी घेरा

शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल में एक साथ 4 हजार ईवीएम जलकर खाक हो गए। उससे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं। प्रशासन को लेकर इस पर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।

ममता बनर्जी चुनाव हार ही नहीं सकतीं, पूरे मामले की जांच जरूरी: संजय राउत
ममता बनर्जी चुनाव हार ही नहीं सकतीं, पूरे मामले की जांच जरूरी: संजय राउत फोटो: IANS

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी चुनाव हार ही नहीं सकती हैं। भवानीपुर में उनका हारना कई सवाल खड़े करता है। जरूर कुछ न कुछ गड़बड़ हुई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह ममता बनर्जी हारी हैं, उसमें कहीं न कहीं साजिश की बू आती है।

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शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल में एक साथ 4 हजार ईवीएम जलकर खाक हो गए। उससे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं। प्रशासन को लेकर इस पर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। इतना ही नहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह ईवीएम संदिग्ध बताए गए थे। इसके बाद साजिशन इसे जिस तरह से जलाकर खाक कर दिया गया है, उससे कई तरह के सवालों का उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट कहां पर है? चुनाव आयोग कहां पर है? आपको यह समझना होगा कि ये बहुत ही गंभीर मामले हैं। ऐसी स्थिति में सभी संबंधित पक्षकारों को सामने आकर इसकी पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि आखिर ईवीएम किन वजहों से जलकर खाक हुईं? ध्यान देने वाली बात है कि इन सभी ईवीएम का इस्तेमाल हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में हुआ था, इसके बाद अब यह जलकर खाक हो गए, आखिर माजरा क्या है? पूरी तस्वीर साफ होनी चाहिए।

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शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि हमारे देश में कई गणमान्य लोगों का जन्म हुआ, जिसमें प्रमुख रूप से पंडित जवाहर लाल नेहरू, भीम राव अंबेडकर, इंदिरा गांधी जैसे नाम शामिल हैं, लेकिन इन तमाम गणमान्यों के बीच जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली देखता हूं, तो मुझे निराशा हासिल होती है।

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जब उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंडित नेहरू से तुलना करने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जहांगीर ने भी 4,700 दिनों तक सत्ता में राज किया था। अब हम क्या करें, क्या हम जहांगीर की तुलना प्रधानमंत्री मोदी से करेंगे। कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना पंडित नेहरू से कर रहे हैं, लेकिन मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि पंडित नेहरू 16 साल तक सत्ता में रहे। पूरी दुनिया उनके सामने झुका करती थी। उन्होंने अपनी कार्यशैली के दम पर पूरी दुनिया को प्रभावित करने का काम किया था।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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