देश

भारतीय रेल को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में मोदी सरकार, इस फैसले पर उठ रहे कई सवाल

रेल मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित एक योजना के अनुसार, 100 दिनों के अंदर निजी यात्री ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। टिकट और ऑनबोर्ड सेवाएं प्रदान करने वाली रेलवे की सहायक कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) को दो यात्री ट्रेनों की पेशकश की जाएगी।

फोटो: आईएएनएस
फोटो: आईएएनएस 

निजी यात्री ट्रेनों का संचालन 100 दिनों के अंदर शुरू किए जाने की योजना पर प्रमुख वामपंथी दल मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने इसका प्रमुखता से विरोध करते हुए इसे भारतीय रेल के निजीकरण की योजना बताया। सीपीएम के मुखपत्र 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' में छपे एक संपादकीय में कहा गया, "मोदी सरकार का दूसरा कदम एक निजीकरण अभियान द्वारा उठाया जा है। पहले से ही नीति आयोग ने घोषणा की है कि सार्वजनिक क्षेत्र के 46 उद्यमों को बेच दिया जाएगा।"

Published: undefined

गौरतलब है कि रेल मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित एक योजना के अनुसार, 100 दिनों के अंदर निजी यात्री ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। टिकट और ऑनबोर्ड सेवाएं प्रदान करने वाली रेलवे की सहायक कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) को दो यात्री ट्रेनों की पेशकश की जाएगी। ये ट्रेनें प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले स्वर्णिम चतुर्भुज जैसे महत्वपूर्ण मार्गो पर चलाई जाएंगी।

Published: undefined

सरकार राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों सहित प्रीमियर ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों को सौंपना चाहती है, जिसके लिए निविदाएं इसी साल मंगाई जाएंगी। सीपीएम ने कहा, "महानगरीय शहरों और प्रमुख मार्गो पर जाने वाली ट्रेनें अधिक लाभदायक हैं, जो निजी क्षेत्र को दी जाएंगी। इससे रेलवे का किराया बढ़ेगा और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती होगी।"

Published: undefined

सीपीएम का कहना है कि यह निजीकरण की ओर पहला कदम होगा और निजी कंपनियों को उत्पादन के बाहरी ठेके देने का मार्ग प्रशस्त करेगा। संपादकीय में कहा गया कि भारतीय रेल का निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए। भारतीय रेल का नेटवर्क 69,182 किलोमीटर है, जो रोजाना लाखों लोगों को एक से दूसरे कोने तक ले जाने का अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।

Published: undefined

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined