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‘NEET छात्रा की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन’, पीएम पर बरसे राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर बृहस्पतिवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था की बर्बादी की कीमत पूरी एक युवा पीढ़ी चुका रही है।

प्रधानमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था बर्बाद की, कीमत युवा पीढ़ी चुका रही है: राहुल गांधी
प्रधानमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था बर्बाद की, कीमत युवा पीढ़ी चुका रही है: राहुल गांधी  फोटोः IANS

नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक की खबरों ने एक और होनहार छात्रा की बलि ले ली है। मध्य प्रदेश के मऊगंज की रहने वाली 18 साल की आकांक्षा चतुर्वेदी ने नागपुर में सुसाइड कर लिया। मरने से पहले लिखे नोट में उसने परीक्षा सिस्टम से टूटे भरोसे का दर्द बयां किया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर बृहस्पतिवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था की बर्बादी की कीमत पूरी एक युवा पीढ़ी चुका रही है। उन्होंने दावा किया कि ‘‘छात्रा की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है।’’

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राहुल गांधी का पोस्ट

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख रुपये का कर्ज़ लिया। नागपुर में खुद रसोइये की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां कोचिंग कर सके।"

उन्होंने कहा, "एक पिता जो कर सकता था, उसने सब किया। फिर नीट पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़कर चली गई।"

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं। फिर वही समिति। वही तबादला। वही जांच। न सुधार, न न्याय।"

राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती, आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।"

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 छात्रा ने सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

सुसाइड से पहले आकांक्षा ने अपने माता-पिता के नाम लिखे खत में अपनी बेबसी जाहिर की है। उसने लिखा, 'मम्मी-पापा, आपको भरोसा था कि आपकी बेटी मेहनत करेगी और डॉक्टर बनेगी, लेकिन अब मुझमें दोबारा नीट परीक्षा देने की हिम्मत नहीं है। मैं अपने पहले प्रयास में अच्छे नंबर ला रही थी, लेकिन अब कोई गारंटी नहीं है कि मैं दोबारा अच्छा कर पाऊंगी। मुझे माफ कर देना मम्मी-पापा, मैंने सब कुछ बर्बाद कर दिया।'

पीटीआई के इनपुट के साथ

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