भीमा-कोरेगांव युद्ध की जयंती पर भड़की चिंगारी पूरे महाराष्ट्र में फैल चुकी है। इस हिंसा में एक व्यक्ति की जान गई थी, जिसके बाद हिंसा पुणे के बाद मुंबई तक फैल गई। महाराष्ट्र सरकार ने मामले की ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए हैं। हिंसा के कारण आज को भी सामान्य जीवन पर असर दिख सकता है। आज कई गुटों ने महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है।
Published: 03 Jan 2018, 8:47 AM IST
जिन गुटों ने बंद का ऐलान किया है उनमें मुंबई के मशहूर डब्बावाले भी हैं, उन्होंने अपने ग्राहकों से खुद अपना टिफिन लाने को कहा है। इसके मुंबई की करीब 40 हजार स्कूल बसे भी नहीं चलेंगी। मुंबई, ठाणे समेत राज्य के कई इलाकों में प्रदर्शन हो रहे हैं। ठाणे में प्रशासन ने 4 जनवरी तक 144 धारा लगा दी है।
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उधर शुरुआती जांच में हिंसक झड़पों में भगवा झंडा लिए लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। लेकिन पुलिस का कहना है कि विवाद 29 दिसंबर की रात से शुरू हुआ था।
मंगलवार को मुंबई के अलावा, हड़पसर व फुरसुंगी में सरकारी और प्राइवेट बसों पर पथराव किया गया। महाराष्ट्र परिवहन की लगभग 134 बसों को नुकसान पहुंचा है। हिंसा की वजह से औरंगाबाद और अहमदनगर के लिए बस सेवा रद्द कर दी गई थी।
प्रदर्शन की वजह से मुंबई के ईस्टर्न हाइवे भी कई घंटों तक जाम रहा। डीजीपी गणेश शिंदे ने बताया कि भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के मामले में पुणे के पिंपरी पुलिस स्टेशन में 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
हर वर्ष, नए साल के मौके पर महाराष्ट्र और अन्य जगहों से हजारों की संख्या में पुणे के परने गांव में दलित पहुंचते हैं, यहीं वो जयस्तंभ है, जिसे अंग्रेजों ने उन सैनिकों की याद में बनवाया था, जिन्होंने इस लड़ाई में अपनी जान गंवाई थी। कहा जाता है कि साल 1927 में डॉ. भीमराव अंबेडकर इस मेमोरियल पर पहुंचे थे, जिसके बाद से अंबेडकर में विश्वास रखने वाले इसे प्रेरणा स्त्रोत के तौर पर देखते हैं.
Published: 03 Jan 2018, 8:47 AM IST
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Published: 03 Jan 2018, 8:47 AM IST