
पीएम मोदी पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर राजनीति करने के आरोप लग रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल और ईंधन की ऊंची कीमतों और करों के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया और आरोप लगाया कि सरकार का संघवाद सहकारी नहीं बल्कि जबरदस्ती है। पार्टी नेता राहुल गांधी ने भी गुरुवार को ट्विटर कर मोदी सरकार पर हमला है। उन्होंने कहा, उच्च ईंधन की कीमतें -- राज्यों को दोष दें, कोयले की कमी -- राज्यों को दोष दें, ऑक्सीजन की कमी -- राज्यों को दोष दें। सभी प्रकार के इंधर का 68 फीसदी कर केंद्र सरकार ले रही है। फिर भी, पीएम जिम्मेदारी से बचते हैं। मोदी की संघवाद सहकारी नहीं है, जबरदस्ती है।
कांग्रेस कच्चे तेल की कम अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बावजूद ईंधन पर उच्च करों के लिए सरकार पर हमला करती रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री के बयान तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने मांग की, कि मोदी सरकार पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क का हिसाब दें, जिसके जरिए केंद्र ने पिछले आठ साल में 27 लाख करोड़ रुपए कमाए हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एकत्र किए गए करों का 68 प्रतिशत केंद्र सरकार के हिस्से में जाता है। 32 फीसदी राज्य सरकारों के पास आते हैं। ऐसे में राज्य सरकारों से उम्मीद करना, जो पहले ही जीएसटी के अपने हिस्से से वंचित हैं, मुझे लगता है कि यह अन्यायपूर्ण है।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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Published: 28 Apr 2022, 4:05 PM IST