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रवीश कुमार के भाई को सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

ऐसे समय में जब पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, रवीश कुमार के खिलाफ इसलिए अपमानजनक टिप्पणियां की गयीं कि उन्होंने अपने भाई के बारे में कुछ नहीं कहा।

फोटो : Getty Images
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सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पूर्व कांग्रेस उपाध्यक्ष बृजेश कुमार को अग्रिम जमानत दे दी है। बृजेश कुमार पत्रकार रवीश कुमार के बड़े भाई हैं। उनपर एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का आरोप है और धारा 376, 506 और 109 के तहत मुकदमा दर्ज है।

कथित बलात्कार के इस मामले में लगातार नए मोड़ सामने आए हैं। पटना के एक थाने में 22 दिसंबर 2016 को जब यह केस दर्ज हुआ तो इसमें चार लोगों को आरोपी बनाया गया और उन पर पॉक्सो (POCSO), एससी/एसटी एक्ट (लड़की दलित है) और आईपीसी की अन्य धाराओं में मुकदमा बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट में बृजेश कुमार की तरफ से पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और विवेक तंखा ने कहा कि पटना के थाने में दर्ज हुई इस एफआईआर में बृजेश कुमार का नाम नहीं था।

कोर्ट को बताया गया कि मजिस्ट्रेट के सामने हुए बयानों में पीड़ित लड़की ने स्वीकार किया कि लड़ने उसे झांसा देकर फुसलाया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। लेकिन अचानक ये केस विशेष जांच दल (एसआईटी) को भेज दिया गया और तीन सप्ताह के बाद इस केस में बृजेश कुमार का नाम शामिल कर दिया गया।

लड़की को एक बार फिर बुलाया गया और इस बार उसने बयान दिया कि बृजेश कुमार ने दूसरों के सामने उसके साथ बदतमीजी की। लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई चार्जशीट दायर नहीं की क्योंकि इस केस में अभी तक कोई पुख्ता सबूत पुलिस को नहीं मिला है।

इस केस में नाम शामिल किए जाने पर बृजेश कुमार ने सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। इस पर बृजेश ने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दी। इस बीच पीड़ित लड़की और आरोपी लड़के ने आपस में शादी करने की सहमति दे दी। इसके बावजूद हाईकोर्ट ने बृजेश को जमानत देने से इनकार कर दिया।

पटना हाईकोर्ट में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद बृजेश ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस दौरान आरोपी लड़के को इस आधार पर जमानत दे दी गयी कि वह पीड़ित लड़की से शादी कर ले। बृजेश के वकील विवेक तंखा ने दलील दी कि पीड़ित और आरोपी शादी के बावजूद बृजेश को जमानत क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि ये केस महज एक मजाक है और रवीश कुमार पर दबाव बनाने के लिए इस मामले को तूल देकर लटकाया जा रहा है।

इस पूरे साल रवीश कुमार पर दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट ये कहकर टिप्पणियां करते रहे हैं कि रवीश कुमार अपने भाई के मामले पर क्यों खामोश हैं। लगातार ऐसी टिप्पणियां आने के बाद रवीश कुमार ने बाकायदा एक बयान जारी यह माना था कि उनके भाई पर आरोप हैं। बयान में उन्होंने अपने भाई पर लगे आरोपों को झूठा और निराधार बताया था और कहा था कि जल्द ही सच सबके सामने होगा।

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