
हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 14 हो गई, जबकि करीब 40 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई की रात को कुल्लू के निरमंड, सैंज और मलाना, मंडी के पधर और शिमला के रामपुर उपसंभाग में बादल फटने की घटनाओं के बाद करीब 40 लोग लापता हैं।
वहीं, सबसे ज्यादा नुकसान शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज गांव को हुआ, जहां 30 से ज्यादा लोग लापता बताये जा रहे हैं।
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अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मंडी के राजभान गांव से आठ, शिमला जिले के रामपुर से पांच और कुल्लू जिले के निरमंड से एक शव बरामद किया गया।
शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया, “समेज से बरामद सभी पांच शवों की अभी पहचान नहीं हो पाई है और हमने लापता लोगों के 37 रिश्तेदारों के डीएनए नमूने लिए हैं।”
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम किया जा रहा है और मृतकों की पहचान के लिए डीएनए नमूने जुंगा स्थित फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे।
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अधिकारियों के अनुसार, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), आईटीबीपी, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड की टीम के 410 बचावकर्मी खोज अभियान में जुटे हैं।
बचावकर्मियों ने अधिक मशीन लगाकर, श्वान दस्ता, ड्रोन और अन्य उपकरणों की मदद से खोज अभियान तेज कर दिया है।
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