धर्म, जाति, रंग, लिंग आदि के आधार पर लोगों में भेद करना न सिर्फ असंवैधानिक है, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध भी है। लेकिन आज देश की हालत यह है कि लोग न सिर्फ धर्मा और जाति के आधार पर भेद कर रहे हैं, बल्कि बेशर्मी से इसका ढिंढोरा भी पीट रहे हैं।
ताजा मामला आया है एक ऐसे व्यक्ति का जिसने सिर्फ इस आधार पर ओला कैब की बुकिंग कैंसिल कर दी कि उसका ड्राइवर मुसलमान था। इस शख्स ने ओला को भेजे अपने ट्वीट में बुकिंग की डिटेल के स्क्रीनशॉट के साथ लिखा कि, “ओला कैब बुकिंग कैंसिल कर दी क्योंकि ड्राइवर मुस्लिम था। मैं अपना पैसा जिहादी लोगों को नहीं देना चाहता हूं।”
इस ट्वीट के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर हंगामा खड़ा हो गया है। कुछ इस शख्स के पक्ष में तो कुछ इसके विरोध में लिख रहे हैं। वहीं ओला कैब ने इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि, “हमारे देश की तरह ओला भी एक सेकुलर प्लेटफार्म है, हम अपने ड्राइवर पार्टनर या ग्राहकों के बीत जाति, धर्म, लिंग या विश्वास के आधार पर फर्क नहीं करते हैं। हम अपने सभी ग्राहकों और ड्राइवर पार्टनर्स से अनुरोध करते हैं कि सबका हर समय सम्मान करें।”
जिस शख्स ने सिर्फ मुस्लिम ड्राइवर के नाम पर ओला कैब की बुकिंग कैंसिल की, उसका प्रोफाइल जांचने पर पता चलता है कि यह व्यक्ति विश्व हिंदू परिषद का कार्यकर्ता है और उसे देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण फॉलो करती हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि उसके फॉलोअर में संस्कृति मंत्री महेश शर्मा और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हैं। अभिषेक मिश्रा नाम के इस व्यक्ति ने अपने फेसबुक प्रोफाइल में लिखा है कि वह बीजेपी के वैचारिक मातृ संगठन आरएसएस की आनुषांगिक शाखाओं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का सक्रिय कार्यकर्ता है और विश्व हिंदू परिषद के आईटी सेल की जिम्मेदारी उसके पास है। फेसबुक पेज पर इस व्यक्ति ने जो तस्वीर लगाई है उसमें यह शख्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नजर आ रहा है।
मुस्लिम ड्राइवर होने पर कैब कैंसिल करने के मामले को लेकर ट्विटर यूजर्स अभिषेक की काफी आलोचना कर रहे हैं।
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Published: 22 Apr 2018, 10:30 PM IST