देश

'जाति जनगणना की प्रक्रिया में 'बेहद गंभीर खामी'', जयराम का आरोप- पूरी प्रक्रिया को विफल करना चाहते हैं PM मोदी

जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस की बार-बार मांग के बावजूद मोदी सरकार ने मौजूदा जाति जनगणना के प्रारूप में ‘ड्रॉप-डाउन’ सूची के बजाय ‘ओपन-एंडेड’ सवाल रखने का फैसला किया है, जो ‘‘बेहद गंभीर खामी’’ है।

'जाति जनगणना की प्रक्रिया में 'बेहद गंभीर खामी'', जयराम का आरोप- पूरी प्रक्रिया को विफल करना चाहते हैं PM मोदी  (फोटोः विपिन)
'जाति जनगणना की प्रक्रिया में 'बेहद गंभीर खामी'', जयराम का आरोप- पूरी प्रक्रिया को विफल करना चाहते हैं PM मोदी (फोटोः विपिन) 

कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि मौजूदा जाति जनगणना के प्रारूप में ‘ड्रॉप-डाउन’ सूची के बजाय ‘ओपन-एंडेड’ प्रश्न रखने का सरकार का फैसला ‘‘बेहद गंभीर खामी’’ है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि, ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि जाति जनगणना की पूरी प्रक्रिया ‘‘विफल’’ हो जाए।

‘ड्रॉप-डाउन’ सूची का मतलब है कि सवाल का जवाब देने वाले व्यक्ति को अपनी ओर से कुछ लिखना नहीं होता, बल्कि पहले से दिए गए विकल्पों में से एक विकल्प चुनना होता है जबकि ‘ओपन-एंडेड’ प्रारूप में अपना जवाब खुद लिखना पड़ता है।

जयराम रमेश का पीएम मोदी सरकार पर आरोप

जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी ने पिछले चार दिनों में देशभर में 17 संवाददाता सम्मेलन किए हैं और सही तरीके से जाति जनगणना कराने की मांग दोहराई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जातिगत जनगणना का मतलब सिर्फ जातियों की गिनती नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है। सही तरह के सवाल, सही आंकड़े, उचित हिस्सेदारी और सामाजिक न्याय।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बार-बार मांग के बावजूद मोदी सरकार ने मौजूदा जाति जनगणना के प्रारूप में ‘ड्रॉप-डाउन’ सूची के बजाय ‘ओपन-एंडेड’ सवाल रखने का फैसला किया है, जो ‘‘बेहद गंभीर खामी’’ है।

जाति जनगणना को लेकर जयराम का गंभीर सवाल

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी चाहते हैं कि जनगणना में एक ही जाति के अलग-अलग नाम, उपजातियां और वर्तनी दर्ज हो जाएं, ताकि जाति जनगणना की पूरी प्रक्रिया विफल हो जाए।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को संयुक्त रूप से पत्र लिखा था। पत्र में जाति जनगणना को सही तरीके से कराने की पार्टी की प्रमुख मांग भी रखी गई थी, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

पीएम मोदी ने पत्र का नहीं दिया जवाब

रमेश ने कहा कि दोनों वरिष्ठ नेताओं ने 20 अगस्त को लिखे पत्र में जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां जताई थीं। उन्होंने बताया कि पत्र में मौजूदा प्रश्नावली को रद्द कर जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग की गई थी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि तेलंगाना और बिहार में कराए गए जाति सर्वेक्षणों की तरह पहले से तैयार और प्रमाणित जाति सूची के आधार पर जातियों की गणना करना इस समस्या का व्यावहारिक समाधान है।

उन्होंने कहा कि पत्र में नयी प्रश्नावली तैयार करने से पहले राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और आम जनता के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग भी की गई थी।

रमेश ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पिछले चार दिनों में देशभर में 17 संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर उपरोक्त मांगों के साथ जाति जनगणना कराने की अपनी मांग दोहराई है।’’

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए