
खराब जीवनशैली की वजह से बढ़ती उम्र के साथ लोगों में शुगर की समस्या बढ़ रही है। तनाव और गलत खान-पान की वजह से शरीर कई बीमारियों से घिर जाता है, लेकिन अगर किसी को शुगर की समस्या है तो जीवनशैली में बदलाव करके उसे नियंत्रित किया जा सकता है।
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शुगर यानी डायबिटीज, तब होता है जब रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है और पैंक्रियाज अच्छे से इंसुलिन नहीं बना पाता। इंसुलिन कम बनता है तो शरीर में शर्करा की मात्रा बढ़ती है और फिर मरीज को बार-बार पेशाब आना, वजन गिरना, थकान होना, कम या ज्यादा भूख लगना जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
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हालांकि सुबह किए गए इन दो तरीकों से शुगर को बिल्कुल नियंत्रित किया जा सकता है। सुबह गुनगुने पानी के साथ मेथी या दालचीनी का सेवन करना शुगर को नियंत्रित करने में मदद करेगा। इसके लिए मेथी को रात में भिगो दें और सुबह पानी के साथ गर्म करके थोड़ा उबाल लें।
अगर मेथी का स्वाद पसंद नहीं है, तो उसकी जगह दालचीनी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सुबह पिया गया गर्म पानी मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, जिससे पाचन तंत्र अच्छे से काम करता है और कब्ज या पेट से जुड़ी परेशानी नहीं होती है।
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मेथी में मधुमेह रोधी गुण होते हैं, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है और रक्त में होने वाली अशुद्धियों को कम करता है।
वहीं, दालचीनी इंसुलिन हार्मोन बनाने में मदद करती है। दालचीनी में सूजन-रोधी, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-बैक्टीरियल जैसे कई गुण होते हैं, जो शरीर को अच्छे हार्मोन बनाने में मदद करते हैं और पैंक्रियाज को ठीक से काम करने में सहायता करते हैं।
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दूसरा तरीका है सुबह की 20 मिनट की सैर और सूर्य की रोशनी ग्रहण करना। रोज सुबह किसी पार्क में नंगे पैर घास पर घूम सकते हैं या फिर 20 मिनट की लंबी सैर भी कर सकते हैं।
इस दौरान कॉटन के कपड़े पहनें, जिससे शरीर पर सूरज की रोशनी अच्छे से पड़े और शरीर को विटामिन D की भरपूर डोज मिले। ऐसा करने से मन और तन दोनों शांत रहते हैं और तनाव कम होता है।
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सुबह की सैर से पूरा दिन ऊर्जा से भरा रहता है और छोटी-छोटी भूख लगने की समस्या में भी कमी आती है। वैसे शुगर के मरीज को ज्यादा समय तक भूखा नहीं रहना चाहिए, लेकिन छोटी भूख को मिटाने के लिए स्वस्थ चीजों का सेवन करना चाहिए।
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