
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में भारत के साथ जनरलाइज सिस्टम आफ प्रेफरेंस (जीएसपी) खत्म करने की बात कही है। अमेरिकी कानून के मुताबिक अगर यह बदलाव होता है तो नोटिफिकेशन जारी होने के 2 महीने बाद यह नियम लागू होगा। बता दें कि अमेरिका के जीएसपी कार्यक्रम में शामिल देशों को विशेष तरजीह दी जाती है। अमेरिका उन देशों से एक तय राशि के आयात पर शुल्क नहीं लेता।
डोनाल्ड ट्रम्प ने संसद में कहा, “मैं प्राथमिकताओं के सामान्यीकरण प्रणाली (जीएसपी) कार्यक्रम के विकासशील देश के तौर पर भारत को प्राप्त उपाधि को समाप्त करने की सूचना प्रदान कर रहा हूं। मैं यह कदम इसलिए उठा रहा हूं क्योंकि अमेरिका और भारत सरकार के बीच मजबूत संबंध के बावजूद भारत ने अमेरिका को यह आश्वासन नहीं दिया है कि वह अपने बाजारों में उसकी न्यायसंगत और उचित पहुंच प्रदान करेगा।”
अमेरिका के इस कदम के बाद भारत के वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने कहा है कि अमेरिका के साथ हमारे रिश्ते मजबूत हैं। व्यापार से जुड़े मुद्दों पर हम वार्ता कर रहे हैं। लेकिन मेडिकल उपकरणों के मामले में समझौता नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि अमेरिका के जीएसपी कार्यक्रम के तहत लाभ लेने वाले विकासशील देशों के उत्पादों पर यूएस में कोई आयात शुल्क नहीं लगता। इसके तहत भारत को 5.6 अरब डॉलर (40,000 करोड़ रुपए) के एक्सपोर्ट पर छूट मिलती है। जीएसपी से बाहर होने पर भारत को यह फायदा नहीं मिलेगा। भारत जीएसपी का सबसे बड़ा लाभार्थी देश है।
बता दें कि शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को धमकी देते हुए कहा था कि भारत बहुत अधिक शुल्क लगाने वाला देश है। उन्होंने कहा कि वह पारस्परिक बराबर कर या फिर कम से कम एक मामूली कर चाहते हैं। इस दौरान ट्रंप ने अमेरिका की हर्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल का उदाहरण देते हुए कहा था, ‘‘जब हम भारत को मोटरसाइकिल भेजते हैं तो उस पर वहां 100 प्रतिशत का शुल्क लगाया जाता है. वे हमसे 100 प्रतिशत शुल्क लेते हैं लेकिन जब भारत हमें मोटरसाइकिल भेजता है तब हम उनसे कुछ भी शुल्क नहीं लेते हैं।”
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Published: 05 Mar 2019, 10:49 AM IST