
मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कहा है कि 5 साल से मोदीजी बजट पेश कर रहे हैं और 5 साल में उन्होंने अर्थव्यवस्था को एक ऐसे स्तर पर पहुंचा दिया है जहां जीडीपी घट रही है और बेरोजगारी बढ़ रही है। हर साल वे स्वयं और मीडिया के माध्यम से खुद की प्रशंसा करते हैं। बजट में प्रोत्साहन को बेहतर करने और खपत बढ़ाने की आवश्यकता थी।
कांग्रेस नेता पी चिदंबमर ने बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “हमने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लंबा बजट भाषण सुना। उनका बजट भाषण ढाई घंटे से ज्यादा का था। मैं यह कहूंगा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने, विकास दर में तेजी लाने, निजी निवेश को बढ़ावा देने, नौकरी बढ़ाने और व्यापार के बढ़ाने के प्रयास को छोड़ दिया है।
चिदंबरम ने कहा, “सरकार इस बात से पूरी तरह इंकार करती है कि अर्थव्यवस्था को व्यापक आर्थिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है और 6 तिमाही में विकास दर में गिरावट आई है। बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे हमें विश्वास हो कि विकास 2020-21 में फिर से बढ़ेगा। अगले साल 6 से 6.5 प्रतिशत वृद्धि का दावा आश्चर्यजनक और गैर जिम्मेदाराना बयान है।”
लोकसभा में बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस से बात की। उन्होंने कहा, “हम लोगों के हाथ में पैसा रखना चाहते हैं, खासकर मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के। हम आयकर प्रक्रिया को आसान बनाना चाहते थे और अनुपालन को बढ़ाना चाहते हैं।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “हमारे युवा नौकरी चाहते हैं। इसके बजाय उन्हें संसदीय इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण मिला। जिसमें नतीजा कुछ भी नहीं निकला। पीएम और वित्त मंत्री दोनों ऐसे दिख रहे थे जैसे उन्हें कोई सुराग नहीं है कि आगे क्या करना है।”
महाराष्ट्र पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “निर्मला सीतारमण जी ने जो आज बजट पेश किया उसके लिए मैं उनको और पीएम मोदी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। यह बहुत ही प्रगतिशील बजट है, देश के सामने जो चुनौतियां थीं, उन चुनौतियों को समझकर अगले दशक का एक प्रकार से रोड मैप इस बजट में दिया हुआ है।”
बजट पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा, “दिल्ली के लोगों को बड़ी उम्मीद थी कि इस बजट से उनको कुछ मिलेगा, लेकिन इस बजट से उनको निराशा हाथ लगी। एक दिशाहीन, निराशाजनक बजट पेश किया गया। यह एक जुमला बजट है।”
केंद्रीय मंत्री समृति इरानी ने कहा, “कपड़ा उद्योग के लिए यह एक ऐतिहासिक बजट है। आज एंटी डंपिंग जो MMF सेक्टर की बहुत बड़ी चुनौती थी, उसका समाधान देने के लिए मैं, प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त करती हूं। कर में राहत मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए दिवाली से कम नहीं।”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “बजट ने देश के किसानों और नौजवानों को निराश किया है। उत्तर प्रदेश जहां सरकार खुद स्वीकार करती है कि नई पीढ़ी सबसे ज्यादा है। लेकिन नई पीढ़ी के सपनों को पूरा करने के लिए क्या है इनके पास। कहां है नौकरी, रोजगार और इन्वेस्टमेंट।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि 5 से 7.5 लाख तक सालाना आय पर 10 फीसदी आयकर टैक्स देना होगा। वहीं, 7.5-10 लाख की आय पर 15 प्रतिशत का टैक्स देना होगा।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, “एक अच्छी चीज शायद आयकर में दी गई छूट हो सकती है। 12.5 लाख के नीचे की आय वाले मध्यम वर्गीय परिवारों को इससे राहत मिलेगी। उसके अलावा बजट में कुछ खास नहीं लगा।”
कांग्रेस नेता निर्मला सीतारमण ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “निर्मला जी,
1. पांच ट्रिलियन इकोनामी जुमला ही निकली?
2. बजट में रोज़गार शब्द का ज़िक्र तक नहीं?
3. पांच नए स्मार्ट सिटी बनाएंगे?
पिछले सौ स्मार्ट सिटी का ज़िक्र तक नहीं!
4. गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों
की संख्या बढ़ कैसे गई?”
केंद्रीय बजट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण ने करीब ढाई घंटे तक संसद में बोला बावजूद इसके बजट में कुछ भी खास नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के सामने सबसे बड़ी परेशानी बेरोजगारी दूर करने और खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने है, लेकिन बजट में इसे लेकर सरकार की ओर से कोई खास कदम नहीं उठाया गया।
बजट 2020-21 पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा, “मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि राजकोषीय घाटा 3.8 प्रतिशत है। उनको देश को यह भी बताना चाहिए था कि अगर आप यूनियन और स्टेट का घाटा जोड़े तो यह 8 प्रतिशत से ज्यादा है जो देश के लिए चिंता की स्थिति है।”
सरकार ने पांच पुरातत्व स्थलों, राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (यूपी), शिवसागर (असम), धौलाविरा (गुजरात) और अदिचनल्लूर (तमिलनाडु) के विकास के लिए 3150 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
बजट से शेयर बाजार में भारी निराशा देखी जा रही है। बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स 454.11 अंक गिरकर 40,269.38 रुपये पर पहुंच गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि 5 से 7.5 लाख तक सालाना आय पर 10 फीसदी आयकर टैक्स देना होगा। वहीं, 7.5-10 लाख की आय पर 15 प्रतिशत का टैक्स देना होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कि 2020-21 में राजकोषीय घाटा 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, अगले वित्त वर्ष के लिए यह लक्ष्य 3.5 प्रतिशत का रखा गया है।
बजट से शेयर बाजार में भारी निराशा देखी जा रही है। बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स 193.27 अंक गिरकर 40,530.22 रुपये पर पहुंच गया है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आईडीबीआई बैंक की शेष पूंजी को स्टॉक एक्सचेंज में बेचा जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों में लोगों की जमा 5 लाख रुपये तक की राशि अब सुरक्षित रहेगी। पहले यह सीमा सिर्फ 1 लाख रुपये की थी।
देश का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि टैक्स पेयर चार्टर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि करदाताओं को तंग नहीं किया जा सकता।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “बड़े नगरों में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए 4400 करोड़ का आवंटन किया गया है। वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगों के लिए करीब 9,500 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गैस ग्रिड को मौजूदा 16,200 किलोमीटर से बढ़ाकर 27 हजार किलोमीटर तक पहुंचाने का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री ने देश का बजट पेश करते हुए कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डिम्ड यूनिवर्सिटी बनवाएगी। रांची में आदिवासी संग्रहालय बनाया जाएगा। संस्कृति मंत्रालय के लिए 3,150 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री ने कहा कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ में बेहतरीन नतीजे देखने को मिले हैं। उनके इस बयान पर सदन ने विपक्ष में हंगामा किया। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि 6 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समार्टफोन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2020-21 के पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ का प्रस्ताव है। महिला विशिष्ट कार्यक्रमों को 28,600 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “ढांचागत परियोजनाओं के लिए 'परियोजना तैयारी सुविधा' विकसित की जाएगी। ढांचागत क्षेत्र की सभी सरकारी एजेंसियों को इससे जोड़ा जाएगा। युवाओं के लिए 'निवेश मंजूरी प्रकोष्ठ' बनाया जाएगा जो नया उद्यम शुरू करने के लिए उन्हें हर तरह की मदद करेगा।”
वित्त मंत्री ने कहा, “मानव रहित रेल फाटकों को खत्म कर दिया गया है। 27,000 किमी लंबी रेल लाइन का विद्युतीकरण किया जाएगा। मुंबई से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड रेल के कार्य में तेजी लाई जाएगी। रेलवे के स्वामित्व वाली भूमि पर बड़े पैमाने पर सोलर क्षमता स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।”
देश का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इन्वेस्टमेंट क्लियरंस सेल का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके जरिए इन्वेस्टमेंट करने वालों की मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए सरकार की ओर से नई स्कीम का ऐलान किया गया है। इसमें मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि हर जिले में एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए सरकार योजना चलाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए निर्विक योजना के तहत लोगों को लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश कराने का लक्ष्य है।
वित्त मंत्री ने कहा कि देश को तकनीकी वस्त्रों में अग्रणी बनाने के लिए राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन का प्रस्ताव है। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सेमी कंडक्टर पैकेजिंग के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए योजना सरकार योजना लाएगी।
बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2020-21 में स्वच्छ भारत मिशन के लिए लगभग 12,300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। जल जीवन मिशन योजना के लिए 11,500 करोड़ का आवंटन।
वित्त मंत्री ने कहा, “हमने 2020-21 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 99300 करोड़ रुपये और कौशल विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया है।”
वित्त मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन डिग्री लेवल प्रोग्राम चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार की ओर से नई शिक्षा नीति का ऐलान किया जाएगा। जिला अस्पतालों में अब मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना भी बनाई जाएगी। लोकल बॉडी में काम करने के लिए युवा इंजीनियर्स को इंटर्नशिप की सुविधा दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा, “उच्च शिक्षा को बेहतर करने के लिए सरकार काम कर रही है, दुनिया के छात्रों को भारत में पढ़ने के लिए सुविधाएं दी जाएंगी। भारत के छात्रों को भी एशिया, अफ्रीका के देशों में जाने का मौका मिलेगा। राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। डॉक्टरों के लिए एक ब्रिज प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, ताकि प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को प्रोफेशनल बातों के बारे में सिखाया जा सके।”
वित्त मंत्री ने कहा, “मेडिकल डिवाइस पर जो भी टैक्स मिलता है, उसका इस्तेमाल मेडिकल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार करेगी। टीबी के खिलाफ देश में अभियान शुरू किया जाएगा। ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’। सरकार की ओर से देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने की कोशिश है। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत सेंटर्स की संख्या को बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य योजनाओं के लिए लगभग 70 हजार करोड़ का ऐलान।”
लोकसभ में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े कदम उठाएगी। आयुष्मान भारत योजना में अस्पतालों की संख्या को बढ़ाया जाएगा, ताकि T-2, T-3 शहरों में मदद पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए पीपीपी मॉडल की मदद ली जाएगी, जिसमें दो चरण में अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे इंद्रधनुष मिशन का विस्तार किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार की ओर से किसानों के लिए बड़ी योजनाओं को लागू किया गया है। सरकार की ओर से कृषि विकास योजना को लागू किया गया है, पीएम फसल बीमा योजना के तहत करोड़ों किसानों को फायदा पहुंचा है। उहोंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुना करना है। किसानों की मार्केट को खोलने की जरूरत है, ताकि उनकी आय को बढ़ सके। किसानों के लिए ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कह कि हमारी सरकार किसानों के लिए 16 सूत्रीय फॉर्मूले का ऐलान करती है, जिससे किसानों को फायदा पहुंचाएगा।
देश का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2014 से 2019 के दौरान 284 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंचा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीतारमण ने कहा कि इस बजट का लक्ष्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना और कारोबार को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस बजट से सभी अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत करने के लिए सरकार ने 2014-19 के दौरान राजकाज में व्यापक बदलाव किए।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह जीएसटी का नतीजा है कि परिवहन और रसद क्षेत्र में दक्षता हासिल हुई है, इंस्पेक्टर राज खत्म हो गया है, इसने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को लाभान्वित किया है। जीएसटी से उपभोक्ताओं को 1 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ मिला है।
वित्त मंत्री ने कह कि बीते साल 16 लाख नए करदाता जुड़े। 14 लाख लोगों ने टैक्स भरा है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सिस्टम को सुधारा गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि देश की जनता ने हमें विकास के लिए चुना। उन्होंने कहा कि हमरा लक्ष्य सबका साथ सबका विकास है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट भाषण पढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की उम्मीदों को पूरा करने वाला है। सीतारमण ने कहा कि हमने इंस्पेक्टर राज को खत्म कर दिय है। उन्होंने कहा कि हम भविष्य में गांव के लोगों और रोजगार देंगे।
पीएम मोदी संसद पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक शुरू होगी। कैबिनेट की बैठक में बजट को जाएगी दी मंजूरी। कैबिनेट से बजट को मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे देश का बजट पेश करेंगी।
बजट पेश करने से पहले संसद में बजट की कॉपियां लाई गई हैं। 11 बजे लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करेंगी।
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से बजट पेश करने की मंजूरी लेने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारण संसद पहुंच गई हैं। थोड़ी देर में केंद्रीय कैबिनटे की बैठक होगी, जिसमें इस बजट को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद वित्त मंत्री सुबह 11 बजे लोकसभा में देश का बजट पेश करेंगी।
शेयर बाजार खुलने के बाद सेंसेक्स 279 अंक तक लुढ़क गया था। हालांकि अब संभल गया है। फिलहाल 22 अंक की बढ़त के साथ 40,745 पर पहुंच गया है।
बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मिलीं है। राष्ट्रपति से बजट पेश करने की मंजूरी लेने के बाद वित्त मंत्री सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी।
देश का बजट पेश होने से पहले शेयर बाजार से बुरी खबर है। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स 140 अंक निफ्टी में 126.50 में गिरावट दर्ज की गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2020-21 का बजट पेश करने से पहले 'बही-खाता' के साथ वित्त मंत्रालय से बहर निकली है। अब वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन जाएंगी।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “देशवासियों के सुझाव भी आए हैं। यह बजट देश के लिए और देशवासियों के लिए बेहतर हो यह हमारा प्रयास है।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्रालय पहुंच गई हैं। मंत्रालय में अधिकारियों से मिलने के बाद वह राष्ट्रपति भवन जाएंगी। राष्ट्रपति भवन में वित्त मंत्री राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से बजट पेश करने की मंजूरी लेंगी। इसके बाद सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।
देश का बजट पेश होने से पहले सीआईआई के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, “हमने 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विकास दर का हर साल बढ़ना जरूरी है। अनुमानित विकास दर को हासिल करना संभव है। हमें इसके लिए ज्यादा रोजगार अवसर उपलब्ध करवाने होंगे। निवेश और डिमांड के बढ़ने से भी विकास दर बढ़ेगी।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे लोकसभ में देश का बजट पेश करेंगी। सुबह 8.50 बजे अपने निवास से रवाना होंगी। वित्त मंत्री सुबह 9 बजे वित्त मंत्रालय में वित्त मंत्री, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और अन्य अधिकारियों से मिलेंगी। इसके बाद वह राष्ट्रपति भवन जाएंगी। राष्ट्रपति भवन में वित्त मंत्री राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से बजट पेश करने की मंजूरी लेंगी। इसके बाद सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।
इस बजट से मध्य वर्ग को उम्मीद है कि उसे राहते मिलेगी। टैक्स स्लैब्स में भी बदलाव किए जाने की जरूरत है। अब 5-10 लाख के स्लैब पर टैक्स 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किए जाने की मांग हो रही है। 10 लाख से 20 लाख की आमदनी पर टैक्स का दायरा 30 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशथ किए जाने की मांग है। वहीं, 20 लाख से ज्यादा आमदनी पर 30 प्रतिशथ टैक्स की मांग है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में 2020-21 का आम बजट पेश करेंगी। बतौर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दूसरा आम बजट पेश करने जा रही हैं। बजट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। बजट से ऑटो, रियल एस्टेट समेत अन्य सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। वहीं मध्यम वर्ग टैक्स कटौती की उम्मीद में बैठा है। देश के किसान, युवा और महिला वर्ग को भी इस बजट से काफी उम्मीदे हैं।
बजट ऐसे समय में पेश होने जा रहा है, जब देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी हुई है। इस वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर पांच फीसदी रहने का अनुमान है। यह वाकस दर 11 साल में सबसे निचली वृद्धि होगी।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
Published: 01 Feb 2020, 7:24 AM IST