
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शनिवार को कहा कि 2025-2026 का केंद्रीय बजट ‘पक्षपातपूर्ण’ और लोगों की उम्मीदों के साथ विश्वासघात है। स्टालिन ने कहा कि राज्य की ओर से कई मांगें रखने के बावजूद केंद्र सरकार ने बजट में उनपर कोई ध्यान नहीं दिया।
स्टालिन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मांगें बहुत हैं...राजमार्ग और रेलवे परियोजनाएं, कोयंबटूर और मदुरै मेट्रो रेल परियोजनाएं। कुछ भी क्यों नहीं दिया गया? आपको क्या रोक रहा है?’’
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार के 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य के लिए निजी विदेशी कंपनियों के प्रवेश की आवश्यकता होगी और उनकी पार्टी ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेगी।
चव्हाण ने कहा कि यह क्षेत्र केवल बिजली उत्पादन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके सामरिक आयाम भी हैं।
जब भारत अमेरिका परमाणु करार पर हस्ताक्षर किये गये थे तब चव्हाण प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री थे। परमाणु ऊर्जा विभाग प्रधानमंत्री कार्यालय के अंतर्गत आता है।
झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने शनिवार को दावा किया कि केंद्रीय बजट 2025-26 में राज्य के लिए कुछ भी नहीं है। इसने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट में राज्य और इसके लोगों को ‘‘पूरी तरह से नजरअंदाज’’ किया गया है।
जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, ‘‘बजट में झारखंड के लिए कुछ भी प्रस्तावित नहीं किया गया है। पड़ोसी राज्य बिहार को कई परियोजनाएं दी गई हैं, लेकिन झारखंड और इसके लोगों की पूरी तरह उपेक्षा की गई है।’’
तेलंगाना की मंत्री कोंडा सुरेखा ने शनिवार को कहा कि वह केंद्रीय बजट से पूरी तरह से निराश हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से देश के युवा राज्य तेलंगाना को पर्याप्त आवंटन नहीं मिलने का दुख व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।" सुरेखा ने आगे दावा किया कि दक्षिणी राज्यों के अनुरोधों को "अनदेखा" कर दिया
केंद्रीय बजट 2025 में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा पर आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, "गूगल करके देख लीजिए कि मखाना बोर्ड पहले से था या नहीं। यह एक पुरानी सामग्री है जिसकी नई पैकिंग है।"
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि गोली के घाव पर पट्टी! वैश्विक अनिश्चितता के बीच, हमारे आर्थिक संकट को हल करने के लिए प्रतिमान बदलाव की आवश्यकता थी, लेकिन यह सरकार विचारों के मामले में दिवालिया हो चुकी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, एक मुहावरा इस बजट पर बिलकुल सटीक बैठता है - नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली!
पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने Middle Class से ₹54.18 लाख करोड़ का Income Tax वसूला है, और अब वह 12 लाख तक का जो exemption दे रहें हैं, उसके हिसाब से वित्त मंत्री खुद कह रहीं हैं कि साल में ₹80,000 की बचत होगी। यानि हर महीने मात्र ₹6,666 की !
पूरा देश महंगाई और बेरोज़गारी की समस्या से जूझ रहा है, पर मोदी सरकार झूठी तारीफ़े बटोरने पर उतारू है।
इस "घोषणावीर" बजट में अपनी खामियां छिपाने के लिए Make In India को National Manufacturing Mission बना दिया गया है। बाकी सारी घोषणाएं लगभग ऐसी हैं।
🔻युवाओं के लिए कुछ नहीं है।
🔻मोदी जी ने कल वादा किया था कि इस बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए वो बड़ा कदम उठाएंगे, पर बजट में कुछ ऐसा नहीं निकला।
🔻किसानों की आय दोगुना करने के लिए कोई roadmap नहीं; खेती के सामान पर GST दर में कोई रियायत नहीं दिया गया।
🔻दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, गरीब और अल्पसंख्यक बच्चों के स्वास्थ, शिक्षा, स्कॉलरशिप की कोई योजना नहीं ।
🔻Private Investment कैसे बढ़ाना है, उसके लिए कोई Reform का कदम नहीं है।
🔻Export और Tariff पर दो चार सतही बातें कहकर अपनी विफलताओं को छिपाया गया है।
🔻गरीब की आय को बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया गया है।
🔻लगातार गिरते consumption पर एक भी कदम नहीं उठाया गया है।
🔻असमान छूती महँगाई कि बावजूद MGNREGA का बजट वही का वही है। श्रमिकों को आय बढ़ाने के लिये कुछ नहीं किया गया।
🔻GST के Multiple Rates में कोई सुधार की बात नहीं की गई है।
🔻बेरोज़गारी को कम करने के लिए, नौकरियां बढ़ाने की कोई बात नहीं की गई।
🔻Startup India, Standup India, Skill India सभी योजनाएँ बस घोषणाएँ साबित हुईं।
कुल मिलाकर ये #Budget2025 मोदी सरकार द्वारा लोगों की आँखों में धूल झोंकने का प्रयास है।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय बजट पर कहा, "आप(बीजेपी) वही बात फिर से उठाते हैं जो आप 10 बार कह चुके हैं, कुछ नया कभी नहीं होता... आपने 12 लाख तक की आय वालों को टैक्स में छूट दी, और यहां आपने 25 लाख आय वालों पर 30-40% टैक्स बढ़ा दिया, आप पहले से ही जनता से पैसा ले रहे हैं... आशा, आजीविका पर कोई चर्चा नहीं... शिक्षा पर कोई चर्चा नहीं। बिहार का सिर्फ जिक्र होता है, बिहार पर कोई चर्चा नहीं होती। क्या बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिला, विशेष पैकेज मिला? क्या कारखाने लगाने, पलायन पर कोई बात हुई?..."
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय बजट पर कहा, "मैं कहूंगी कि यह मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी जीत है, यह 240 सीटें पर आने की जीत है। पिछले 10 सालों से मध्यम वर्ग की मांग रही है कि हम अपनी सैलरी से ज़्यादा टैक्स देते हैं। आज आखिरकार उनकी मांगें सुनी गई हैं, इसलिए मैं इसका स्वागत करती हूं। बिहार के लोग सोच रहे होंगे कि अगर बिहार में हर साल चुनाव होते तो बेहतर होता। बिहार में चुनाव आ रहे हैं, यह दो तरह से पता चलता है जब ध्रुवीकरण शुरू होता है और जब आम आदमी के लिए बजट घोषित होता है..."
केंद्रीय बजट 2025 पर टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा," बिहार मेरी ताकत है और बिहार के लिए प्रावधान देखकर मुझे अच्छा लगा, लेकिन चुनाव का समय भी है, तो कही वही सोचकर ये चुनावी बजट तो तैयार नहीं किया गया? बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तो अच्छा है, लेकिन क्या ये काफी है? बिहार को ध्यान में रखकर बनाया गया ये बजट लॉलीपॉप जैसा लगता है। अब सैलरीड क्लास की बात करें तो छूट 12 लाख की जगह 15 लाख होनी चाहिए थी, लेकिन फिर भी 12 लाख तक हुआ हम इसकी सराहना करते हैं। लेकिन अभी भी बहुत सी चीजों का अध्ययन करने की जरूरत है।"
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय बजट पर कहा, "ये बजट निराशाजनक है और सबसे बड़ी बात है कि ये सरकार असंवेदनशील हो गई है हमने आवाज उठाई कि महाकुंभ में कई लोगों की जान गई है और कुंभ मेले में ये संवेदना व्यक्त करने के लिए तैयार नहीं है शोक प्रस्ताव तक लाने को तैयार नहीं है.."
समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने केंद्रीय बजट पर कहा, "बजट में कुछ भी नया नहीं था। समाजवादी पार्टी मांग करती है कि सरकार महाकुंभ में जान गंवाने वाले सभी श्रद्धालुओं का ब्यौरा दे। हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि वह त्रासदी के पीछे का कारण बताएं और यह भी बताएं कि क्या वे इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित करेंगे।"
कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्रीय बजट पर कहा, "इसमें किसी वर्ग को कुछ नहीं मिला। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश का नाम तक नहीं लिया। किसानों के लिए कुछ भी नहीं। किसान धरने पर बैठे हैं, उनकी बात, MSP की बात नहीं हुई, यह देश को डूबोने वाला बजट है।"
कांग्रेस सासंद कार्ति चिदंबरम ने केंद्रीय बजट पर कहा, "हमें कोई भी विवरण देने से पहले बजट को देखना होगा, क्योंकि शैतान हमेशा विवरण में छिपा होता है। नए प्रस्तावों की भरमार है, लेकिन यह भी देखना होगा कि पिछले बजट में जो प्रस्ताव घोषित किए गए थे उनका क्या हुआ?"
बजट पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि ये भारत सरकार का बजट है या बिहार सरकार का। वित्त मंत्री के पूरे बजट भाषण में क्या बिहार के अलावा किसी और राज्य का नाम सुना? जब आप देश के बजट की बात करते हैं तो उसमें पूरे देश के लिए कुछ होना चाहिए। यह दुखद है कि जिस बैसाखी पर सरकार चल रही है उसे स्थिर रखने के लिए देश के बाकी हिस्सों के विकास को दांव पर लगा दिया गया है।"
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "आज हम चाहते थे कि सरकार कुंभ में हुई मौतों पर चर्चा के लिए कोई फैसला ले। विपक्ष, कांग्रेस चाहती है कि महाकुंभ में जो इतने लोगों की मृत्यु हुई, घायल हुए, उस पर सदन में चर्चा के लिए कोई तारीख तय की जाए। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, INDIA गठबंधन दलों ने इस मुद्दे पर सदन से वॉकआउट किया।"
केंद्रीय बजट पर उन्होंने कहा, "जहां तक बजट की बात है, यह वही पुराना बजट है जो हम पिछले 10 सालों से सुनते आ रहे हैं। इसमें न तो गरीब, न किसान और न ही मध्यम वर्ग को कुछ मिलता है। आज का बजट पिछले 10 सालों का सबसे कमजोर बजट रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से इस बारे में (12 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट) कोई जानकारी नहीं दी, यह सरकार का पुराना तरीका है कि वे कुछ दिखाते हैं और जब हम विस्तार से देखते हैं, तो हमें पता चलता है कि कुछ नहीं मिला।"
बजट पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "बिहार में चुनाव है इसलिए सपना बेचने का काम जरूर हो रहा है। लेकिन आज किसानों,मजदूरों, गरीबों, छात्रों का जो हालत है, जो महंगाई के मार से पीस रहे हैं उनके लिए तो कुछ नहीं है। इस बजट से कुछ नहीं होने वाला है।"
शिरोमणि अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय बजट पर कहा, "जिन राज्यों में चुनाव आने वाले हैं, उनके नाम सबसे ज्यादा लिए गए, बिहार फिर असम का नाम लिया। पंजाब का नाम भी नहीं लिया जहां किसान MSP की गारंटी के लिए धरने पर बैठे हैं। किसानों की लड़ाई को बिल्कुल भी नहीं सुना गया, इसलिए मुझे दुख है।"
12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने यह ऐलान किया है।
12 लाख तक की कमाई पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा।
वित्त मंत्री ने कहा- न्यू इनकम टैक्स बिल अगले हफ्ते लाया जाएगा. इन डायरेक्ट टैक्स रिफॉर्म को बाद में बताएंगे।
कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी, पिछले 4 साल का IT रिटर्न एकसाथ फाइल कर सकेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए TDS की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है।
इनकम टैक्स फाइलिंग की सीमा को 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दिया है।
ITR और टीडीएस की सीमा बढ़ाई गई। टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 10 लाख की गई। टैक्स डिडक्शन में बुजुर्गों के लिए बड़ा ऐलान किया गया है, चार साल तक रिटर्न भर सकेंगे। सीनियर सिटीजन को टैक्स पर छूट दोगुनी की गई।
जीवन रक्षक दवाएं सस्ती होंगी। कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी। LED-LCD टीवी के दाम घटेंगे. इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी घटाई गई। लिथियम आयन बैट्री सस्ती होगी। EV और मोबाइल की बैट्री सस्ती होगी।
गंभीर बीमारियों की 36 दवाएं ड्यूटी फ्री।
सभी सरकारी स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले हफ्ते नया इनकम टैक्स बिल पेश किया जाएगा।
सरकार के 10,000 करोड़ रुपये के योगदान से स्टार्टअप्स के लिए फंड की व्यवस्था की जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 36 जीवन रक्षक दवाओं पर पूरी तरह से ड्यूटी टैक्स खत्म कर दिया जाएगा। सभी सरकारी अस्पतालों में कैंसर डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे। कैंसर के इलाज की दवाएं सस्ती होंगी। 6 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी 5 फीसदी कर दी जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन। 2047 तक कम से कम 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का विकास हमारे ऊर्जा परिवर्तन के लिए आवश्यक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निजी क्षेत्रों के साथ सक्रिय भागीदारी के लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन किए जाएंगे।"
कपास की पैदावार बढ़ाने के लिए 5 साल का मिशन, इससे देश का कपड़ा बिजनेस मजबूत होगा।
किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख होगी।
छोटे उद्योगों को विशेष क्रेडिट कार्ड, पहले साल 10 लाख कार्ड जारी किए जाएंगे।
अगले 6 साल मसूर, तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए फोकस।
3 AI सेंटर खोले जाएंगेस इसके अलावा मेडिकल में 5 साल में 7500 सीटें बढ़ाई जाएंगी।
AI शिक्षा के लिए 500 करोड़ का बजट।
बिहार में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की सुविधा प्रदान की जाएगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए, हमारी सरकार ने पूर्वी क्षेत्र में 3 निष्क्रिय यूरिया संयंत्रों को फिर से खोला है। यूरिया आपूर्ति को बढ़ाने के लिए असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाला एक संयंत्र स्थापित किया जाएगा।"
बिहार में मखाना बोर्ड का गठन होगा।
किसानों के लिए प्रधानमंत्री धनधान्य योजना का ऐलान।
किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़कर 5 लाख हुई।
सभी MSMEs के वर्गीकरण के लिए निवेश और टर्नओवर की सीमा को क्रमशः 2.5 और 2 गुना तक बढ़ाया जाएगा।
क्रेडिट गारंटी कवर को माइक्रो और स्माल एंटरप्राइजेज के लिए 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किया जाएगा।
वित्त मंत्री सीतारमण देश का बजट पेश कर रही हैं। विपक्षी सांसद हंगामा कर रहे हैं। कुंभ के मुद्दे पर सपा सांसदों ने संसद में हंगामा किया।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी मिल गई है। थोड़ी देर में वित्त मंत्री सीतारमण देश का बजट संसद में पेश करेंगी।
संसद में कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है, जिसमें बजट पर मुहर लगेगी।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बजट पर कहा, "वे क्या पेश करेंगी, वे (निर्मला सीतारमण) पिछले 5-6 साल से एक ही चीज पेश कर रही हैं। वे सिर्फ पेश करती हैं, मिलता कुछ नहीं। गरीब, छोटे व्यापारी, किसान को कुछ नहीं मिलता। युवा, महिलाएं, किसान सब परेशान हैं। महंगाई पर कोई बात नहीं होती।"
नई दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने बजट पर कहा, "कोई खास उम्मीद नहीं है। वे (भाजपा) पिछले 8-10 सालों से बजट पेश कर रहे हैं, लेकिन किसी भी उम्मीद पर खरे नहीं उतरे हैं। हम देखेंगे कि वे अपने बड़े पूंजीपतियों के लिए और कितने आयाम बनाते हैं... दिल्ली चुनाव चल रहे हैं। उन्हें पता है कि उन्हें दिल्ली में कुछ नहीं मिल रहा है, इसलिए संभव है कि वे दिल्ली की जनता से टैक्स या कुछ लोकलुभावन वादे करें।"
बजट की प्रतियां संसद में लाई गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपना 8वां केंद्रीय बजट लोकसभा में पेश करेंगी।
कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने आज पेश होने वाले बजट पर कहा, "व्यक्तिगत रूप से मुझे बजट से कोई उम्मीद नहीं है। हमने 10 साल से अधिक समय तक प्रधानमंत्री मोदी के मोदीनॉमिक्स के मास्टरस्ट्रोक को देखा है और इसके कारण बेरोजगारी बढ़ी है। स्टार्टअप विफल रहा है, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया सभी कागजों में रह गए हैं और यह केवल नारा है।अभी FDI कितनी है? उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, जीवन यापन की लागत क्या है। कर्नाटक ने निर्मला सीतारमण को दो बार वोट दिया है, लेकिन शिष्टाचार के तौर पर भी कभी कर्नाटक को कुछ नहीं दिया।"
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, "दोपहर 12 बजे तक सब कुछ आपके सामने होगा। थोड़ा धैर्य रखें। आपको सब पता चल जाएगा।"
मुंबई में लोगों को बजट से काफी उम्मीदें हैं। एक स्थानीय ने कहा, "महंगाई पर नियंत्रण होना चाहिए ताकि आम आदमी खा-पी सके। निचले तबके का और विकास होना चाहिए। टैक्स स्लैब में 10-15 लाख कमाने वालों को थोड़ी राहत मिले तो अच्छा रहेगा।"
बजट पेश होने से पहले दिल्ली के सरिता विहार में रहने वाली एक स्कूल शिक्षिका संगीता सिंह ने कहा, "महंगाई दर थोड़ा कम होना चाहिए। यात्रा व्यय को कम करना चाहिए। बजट में महिलाओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन एक्स्ट्रा सोर्स ऑफ इनकम के लिए कुछ होना चाहिए।"
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज देश का बजट बेश करेगीं। बजट से लोगों को काफी उम्मीदे हैं। आम लोगों से लेकर कॉर्पोरेट दुनिया को इस बजट का इंतजार है। सवाल यह है कि क्या इस बार सरकार महंगाई और टैक्स के मोर्चे पर लोगों को कोई बड़ी राहत देगी? टैक्स में अगर छूट मिलती है तो यह बड़ी राहत होगी।
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Published: 01 Feb 2025, 7:50 AM IST