
कांग्रेस की केरल इकाई के वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कांग्रेस आलकमान ने पार्टी की प्रदेश इकाई के नेताओं के साथ लंबी मंत्रणा के बाद सतीशन के नाम पर मुहर लगाई।
केरल के लिए पार्टी के पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक तथा पार्टी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में सतीशन के नाम की घोषणा की।
Published: undefined
सतीशन के अलावा कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे।
बीते सात मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी आलाकमान को विधायक दल के नेता के चयन के लिए अधिकृत किया गया था।
Published: undefined
सतीशन के लिए यह पद उनकी राजनीतिक यात्रा की बड़ी उपलब्धि है। कोच्चि जिले में जन्मे सतीशन इस महीने के आखिर में 62 साल के हो जाएंगे। उन्होंने अपनी पहचान गुटबाज़ी की राजनीति से नहीं बल्कि विधानसभा में अच्छे प्रदर्शन और संगठन में लगातार काम करके बनाई है।
पेशे से वकील सतीशन ने 2001 में परावुर से विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के तेज़ और प्रभावशाली वक्ताओं में अपनी पहचान बनाई।
Published: undefined
आंकड़ों, तीखे व्यंग्य और दमदार बोलने के अंदाज़ के कारण सतीशन वामपंथी दलों के लिए बड़ी चुनौती बन गए। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें सबसे बड़ी सफलता ऐसे समय में मिली जब कांग्रेस अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थी।
2021 के विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की बड़ी हार के बाद सतीशन को अचानक विपक्ष का नेता चुना गया। सतीशन ने इस जिम्मेदारी को अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने का बड़ा मौका बना लिया।
सोने की तस्करी का मामला हो, एआई कैमरे से जुड़े आरोप हों या कानून-व्यवस्था को लेकर विजयन सरकार पर लगातार हमले सतीशन ने खुद को केरल में वामपंथी सरकार के खिलाफ सबसे प्रमुख और आक्रामक नेता के रूप में स्थापित किया।
Published: undefined
सतीशन गुरुवार सुबह अपने परिवार के साथ राज्य की राजधानी के लिए रवाना हुए और विपक्ष के नेता के रूप में पिछले पांच वर्षों से जिस सरकारी आवास में रह रहे थे, वहां पहुंचे।
एआईसीसी की घोषणा होने से कुछ मिनट पहले ही वह वहां पहुंच गए। इसके बाद वे बिना कुछ बोले, अपने सरकारी आवास पर जमा हुई बड़ी भीड़ के बीच से होते हुए आगे बढ़ गए।
अब जब वह विपक्ष की बेंचों से हटकर मुख्यमंत्री बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो सतीशन के सामने केवल सरकार चलाने से कहीं बड़ी जिम्मेदारियां और उम्मीदें हैं।
Published: undefined
उनका उदय कांग्रेस पार्टी के उस प्रयास को दिखाता है, जिसमें वह केरल की राजनीति की जिम्मेदारी एक युवा, अधिक सक्रिय और मीडिया को समझने वाली पीढ़ी को सौंपना चाहती है, जो मौजूदा मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मजबूत राजनीतिक विरासत का मुकाबला करने के लिए तैयार है।
केरल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने राज्य की कुल 140 सीट में से 102 पर जीत दर्ज की।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
Published: undefined
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined