
दक्षिणी फिलीपींस के बोंगाओ इलाके से मंगलवार रात एक दिल दहला देने घटना हुई, जहां एक छोटे से द्वीप पर लगी भीषण आग ने देखते ही देखते पूरी बस्ती को तबाह कर दिया। रात के अंधेरे में उठती आग की लपटों ने करीब चार घंटे तक कहर बरपाया और करीब 1000 घर जलकर राख हो गए। इस हादसे में कम से कम 5000 लोग बेघर हो गए हैं।
समाचार एजेंसी PNA के मुताबिक, आग की शुरुआत बारंगाय लामियन इलाके से हुई। यह इलाका एक छोटे द्वीप पर स्थित है, जहां ज्यादातर घर पानी के ऊपर लकड़ी के खंभों पर बने हुए हैं। तेज हवाओं के चलते आग ने बेहद तेजी से आसपास के घरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे हालात कुछ ही समय में बेकाबू हो गए।
लकड़ी-बांस से बने घर बने बड़ी वजह
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस बस्ती के ज्यादातर घर लकड़ी, बांस और नारियल की पत्तियों जैसी हल्की और ज्वलनशील सामग्री से बने थे। घर एक-दूसरे से बहुत करीब होने के कारण आग एक मकान से दूसरे मकान तक तेजी से फैलती चली गई। पानी के ऊपर बसे इस इलाके में दमकल की गाड़ियों का पहुंचना भी बेहद मुश्किल रहा, जिससे आग पर काबू पाने में देर हुई।
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। फेसबुक पेज S/B F&M SeaJet पर साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे रात के अंधेरे में ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही हैं और काला धुआं पूरे इलाके को ढक रहा है। आग इतनी तेज थी कि दूर-दराज से भी पूरी बस्ती जलती हुई दिखाई दे रही थी।
आग ने लगभग पूरी बस्ती को जला दिया है। प्रभावित परिवारों को अपना घर, सामान और रोजमर्रा की जरूरतें सब कुछ छोड़कर भागना पड़ा। फिलहाल हजारों लोग खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शेल्टर में शरण लेने को मजबूर हैं।
अधिकारियों ने अभी तक आग लगने की सटीक वजह की पुष्टि नहीं की है। जांच जारी है। आमतौर पर ऐसे इलाकों में आग लगने के पीछे बिजली का शॉर्ट सर्किट, गैस रिसाव या मानवीय लापरवाही जैसी वजहें सामने आती रही हैं, लेकिन इस मामले में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों को भोजन, पीने का पानी, कपड़े और अस्थायी रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण में लंबा समय लग सकता है।
फिलीपींस के तटीय और घनी आबादी वाले इलाकों में इस तरह की आग की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पानी के ऊपर बनी बस्तियां, सीमित संसाधन और तेज हवाएं अक्सर ऐसे हादसों को और भयावह बना देती हैं।
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