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दुनिया की बड़ी खबरें: रूस के अंदर हमले के बाद यूक्रेन से वार्ता अटकी, संकट में घिरे इमरान, जान पर खतरे का किया दावा

राष्ट्रपति बाइडेन ने गैस की बढ़ी कीमतों पर काबू के लिए रणनीतिक भंडार से अगले 6 माह तक रोज 10 लाख बैरल तेल जारी करने का ऐलान किया। रूस ने यूक्रेन से युद्ध के कारण ब्रसेल्स के प्रतिबंधों के जवाब में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व के देश आने पर रोक लगा दिया है।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

रूस ने यूक्रेन पर देश के अंदर हमले का आरोप लगाया, खतरे में शांति वार्ता

यूक्रेन के हेलीकॉप्टरों पर रूस के अंदर एक तेल संयंत्र पर हमला करने का आरोप लगाने के बाद क्रेमलिन ने शांति वार्ता से बाहर निकलने की धमकी दी है। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार
क्षेत्रीय गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लैडकोव ने कहा कि यूक्रेन के दो सैन्य हेलीकॉप्टरों ने रूसी सीमा से 25 मील की दूरी पर बेलगोरोड तक कम ऊंचाई पर उड़ान भरी, जहां उन्होंने रोसेनेफ्ट डिपो में एस-8 रॉकेट दागे, जिससे आग का एक बड़ा गोला फूट गया। अग्निशामक अभी भी उससे निपट रहे हैं।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि बेशक, यह ऐसा कुछ नहीं है जिसे बातचीत जारी रखने के लिए आरामदायक स्थिति बनाने के रूप में माना जा सकता है। लेकिन यूक्रेन ने दावा किया है कि ऐसी आशंकाएं हैं कि रूस युद्ध को बढ़ाने या शांति वार्ता से पीछे हटने के लिए खुद पर झूठा फ्लैग अटैक करेगा।

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सरकार पर संकट के बीच इमरान ने फिर जान पर खतरे का किया दावा

पाकिस्तान में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के कारण अपने हाथों से सत्ता छीनती देखकर अब प्रधानमंत्री इमरान खान ने नया दावा किया है कि उनकी जिंदगी खतरे में है। अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराने वाले इमरान ने शुक्रवार को कहा कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें गत साल अगस्त से ही अपनी हत्या की साजिश का पता है।

जियो न्यूज के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने यह खुलासा किया था कि उन्हें जान से मारने की साजिश की जा रही है, जिसका पर्दाफाश किया गया है। डॉन के मुताबिक पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने भी शुक्रवार को कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेसियों की रिपोर्ट के बाद सरकार के निर्णय से प्रधानमंत्री की सुरक्षा बढ़ायी गयी।

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अगले 6 माह तक रोज 10 लाख बैरल तेल रिलीज करेगा अमेरिका

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने घोषणा की है कि गैस की बढ़ी हुई कीमतों पर काबू पाने के लिए देश के रणनीतिक भंडार से अगले छह माह तक प्रति दिन 10 लाख बैरल तेल जारी किया जाएगा। बाइडेन ने गुरुवार को दिए एक भाषण में यह घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका के सामरिक पेट्रोलियम भंडार से 18 करोड़ बैरल से अधिक तेल जारी करने की अनुमति देना देश के इतिहास में राष्ट्रीय भंडार की अब तक सबसे बड़ी रिलीज है।

बाइडेन की इस घोषणा से पहले अमेरिका और तेल के अन्य प्रमुख उपभोक्ता देशों ने मार्च की शुरूआत में घोषणा की थी कि वे अपने आपात भंडार से 6 करोड़ बैरल तेल जारी करेंगे।
घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने की कोशिश के तहत बाइडेन ने अमेरिकी कंपनियों पर अधिक तेल का उत्पादन करने के लिए दबाव डाला और कुछ कंपनियों पर आरोप लगाया कि वे बड़े पैमाने पर मुनाफा कमाने के लिये मौजूदा स्थिति का फायदा उठा रही हैं।

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इमरान ने सरकार पर संकट के पीछे अमेरिका का हाथ बताया, रूस दौरे से नाराजगी को वजह बताया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को दावा किया कि एक 'शक्तिशाली देश' ने उनकी रूस यात्रा पर आपत्ति जताई और उनसे नाराज हो गए। प्रधानमंत्री ने यह बात ऐसे दिन कही है, जब उन्होंने खुलासा किया था कि अमेरिका ने पाकिस्तान को कथित रूप से धमकी देने वाला ज्ञापन भेजा था।

इस्लामाबाद में एक उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि एक बहुत शक्तिशाली देश ने हमसे पूछा कि हम रूस क्यों गए। वे एक देश से पूछ रहे हैं कि हम रूस क्यों गए। इसके अलावा, वे हमसे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, वही शक्तिशाली देश भारत की मदद कर रहा है, जबकि वह रूस से व्यापार कर रहा है और यहां तक कि रूस से तेल आयात करने की सोच रहा है।

इमरान ने कहा कि ब्रिटेन के विदेश सचिव ने कहा है कि ब्रिटेन भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता क्योंकि उनकी एक स्वतंत्र नीति है। 'तो हम क्या हैं?' हम इस मोड़ पर ऐसे लोगों के कारण हैं, जिन्होंने देश के हित के लिए नहीं, बल्कि अभिजात वर्ग के हित में देश का बलिदान दिया।

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रूस में यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों के प्रवेश पर प्रतिबंध

रूस ने यूक्रेन से युद्ध के मद्देनजर लगाए गए ब्रसेल्स के बड़े प्रतिबंधों के जवाब में यूरोपीय संघ (ईयू) के 'शीर्ष नेतृत्व' को देश में प्रवेश करने से रोक दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि प्रतिबंध कई यूरोपीय आयुक्तों, यूरोपीय संघ के सैन्य ढांचे के प्रमुखों और यूरोपीय संसद के अधिकांश सांसदों पर लागू होते हैं जो रूस विरोधी नीतियों को बढ़ावा देते हैं।

इस 'ब्लैकलिस्ट' में यूरोपीय संघ के कुछ सदस्य देशों की सरकारों और संसद के प्रतिनिधियों के साथ सार्वजनिक हस्तियां और मीडिया कर्मचारी भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि उसने मास्को में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल को प्रवेश प्रतिबंध के बारे में सूचित किया था, लेकिन उसने लक्षित लोगों के नाम प्रकाशित नहीं किए।

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बयान में कहा गया कि हम पुष्टि करते हैं कि यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों की ओर से किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई को अनिवार्य रूप से कठोर प्रतिक्रिया मिलती रहेगी। 24 फरवरी को शुरू हुए यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के जवाब में, यूरोपीय संघ ने मास्को के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रतिबंधों का विस्तार किया।

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