
मालदीव में राजनीतिक संकट के बीच के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने 5 फरवरी को 15 दिन के आपालकाल की घोषणा कर दी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा अधिकारियों के पास अतिरिक्त शक्तियां आ गई हैं, जिससे वे किसी संदिग्ध को गिरफ्तार कर सकते हैं।
Published: 06 Feb 2018, 12:56 PM IST
सरकार ने संसद को पहले ही निलंबित कर दिया है। सेना को राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के किसी भी कदम को दबाने का आदेश दिया गया है।
मालदीव में आपालकाल के बीच पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद देश में राजनीतिक संकट और गहरा गया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अब्दुल्ला सईद और एक अन्य न्यायाधीश अली हमीद को सरकार द्वारा आपातकाल के ऐलान के बाद उनके आवासों से गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायाधीशों की गिरफ्तारी के संबंध में जांच और आरोपों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
Published: 06 Feb 2018, 12:56 PM IST
मालदीव में यह राजनीतिक संकट उस समय उत्पन्न हुआ, जब देश के सर्वोच्च न्यायालय ने जेल में बंद विपक्षी नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया, जिसे राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने मानने से इंकार कर दिया।
पिछले हफ्ते सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ विपक्षी नेताओं की रिहाई के आदेश दिए थे। न्यायालय ने अपने आदेश में देश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद पर 2015 में शुरू किए गए मुकदमे को असंवैधानिक भी बताया था।
Published: 06 Feb 2018, 12:56 PM IST
मालदीव में आपातकाल को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने देश के नागरिकों से कहा है कि वे फिलहाल मालदीव की यात्रा पर न जाएं। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “मालदीव की राजनीति में उथल पुथल भारत सरकार के लिए चिंता का विषय है। इसलिए अगले आदेश तक भारतीय नागरिकों से मालदीव की यात्रा को टालने की अपील की जाती है।”
Published: 06 Feb 2018, 12:56 PM IST
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Published: 06 Feb 2018, 12:56 PM IST