दुनिया

'दुश्मन का प्रचार और भय निष्प्रभावी', BLA का दावा- पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ऑपरेशन को बलूच जनता और नेताओं का समर्थन

बीएलए का कहना है कि जनसमर्थन से “दुश्मन का प्रचार और भय निष्प्रभावी” हुआ, जिससे विभिन्न जिलों में सैन्य ठिकानों पर दबाव बनाए रखना संभव हो सका। संगठन ने कहा कि “यह जनएकता अभियान के जारी रहने और नियंत्रण बनाए रखने का एक बुनियादी कारण रही है।”

फोटो: IANS
फोटो: IANS 

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हीरोफ 2.0’ को विभिन्न सशस्त्र संगठनों, राजनीतिक हस्तियों और बलूच आबादी के कुछ वर्गों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। बीएलए का कहना है कि समन्वित हमले शुरू किए जाने के 15 घंटे से अधिक समय बाद भी उसके लड़ाके कई जिलों में अपनी स्थिति बनाए हुए हैं।

बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि “विभिन्न शहरों और अहम इलाकों” में अभियान जारी है और पाकिस्तानी सुरक्षा बल “भारी दबाव” में हैं। उन्होंने दावा किया कि बीएलए के लड़ाके कई स्थानों पर “नियंत्रण बनाए हुए हैं” और जमीनी हालात लगातार बदल रहे हैं।

 बयान में कहा गया, “अभियान की प्रगति के अनुसार विस्तृत जानकारी और अंतिम आकलन उचित समय पर जारी किए जाएंगे।”

इससे पहले, बीएलए ने दावा किया था कि इस अभियान के क्रियान्वयन में “बलूच राष्ट्र की भूमिका निर्णायक” रही है। संगठन के अनुसार, स्थानीय लोगों ने आवाजाही, संचार और जमीनी नियंत्रण सुनिश्चित कर सहयोग प्रदान किया। यह जानकारी ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ की रिपोर्ट में दी गई है।

बीएलए का कहना है कि जनसमर्थन से “दुश्मन का प्रचार और भय निष्प्रभावी” हुआ, जिससे विभिन्न जिलों में सैन्य ठिकानों पर दबाव बनाए रखना संभव हो सका। संगठन ने कहा कि “यह जनएकता अभियान के जारी रहने और नियंत्रण बनाए रखने का एक बुनियादी कारण रही है।”

‘ऑपरेशन हीरोफ 2.0’ को यूनाइटेड बलूच आर्मी (यूबीए) का भी समर्थन मिला है, जो स्वयं को “स्वतंत्रता समर्थक” सशस्त्र संगठन बताती है। यूबीए ने औपचारिक रूप से अभियान के समर्थन की घोषणा करते हुए कहा कि वह अपनी “क्षमता और साधनों” के अनुसार इसमें भाग लेगी।

यूबीए के प्रवक्ता मजार बलूच ने बयान में कहा कि संगठन अभियान में शामिल लोगों को “पूर्ण नैतिक, वैचारिक और व्यावहारिक समर्थन” दे रहा है। उन्होंने बलूच लड़ाकों के “साहस, दृढ़ता और राष्ट्रीय सम्मान” की प्रशंसा की और कहा कि यूबीए उनके साथ “पूर्ण एकजुटता” में खड़ी है।

यूबीए ने सभी बलूच संगठनों और कार्यकर्ताओं से “एकता, साझा रणनीति और सामूहिक जिम्मेदारी” प्रदर्शित करने की अपील की। संगठन ने कहा कि मौजूदा टकराव किसी एक समूह या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह “राष्ट्रीय गरिमा, स्वतंत्रता और बलूच भूमि पर संप्रभुता” के लिए व्यापक संघर्ष है।

 संगठन ने आम जनता से भी आग्रह किया कि जहां कहीं बलूच युवा और राष्ट्रीय कार्यकर्ता मौजूद हों, वहां उन्हें सामाजिक सहयोग और समर्थन दिया जाए, ताकि इस आंदोलन को “संगठित, एकजुट और मजबूत सामूहिक आंदोलन” में बदला जा सके।

इस बीच, निर्वासन में रह रहे बलूच नेता मेहरान मर्री ने भी ‘ऑपरेशन हीरोफ 2.0’ के समर्थन की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बातचीत में मर्री ने कहा कि बलूचिस्तान “अत्यंत निर्णायक दौर” में प्रवेश कर चुका है।

उन्होंने कहा कि बलूच लोगों ने दशकों तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन अब उनका मानना है कि “स्वतंत्रता किसी बाहरी शक्ति की ओर से उपहार के रूप में नहीं मिलेगी।”

मर्री ने कहा, “बलूच न तो ट्रंप का इंतजार कर रहे हैं और न ही किसी वैश्विक शक्ति पर निर्भर हैं।” उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन अब “राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष” में बदल चुका है, जिसमें “बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक” की भागीदारी है।

उन्होंने पाकिस्तान को एक “अस्थिर” बताते हुए कहा कि वह चीन और अमेरिका के प्रभाव के बीच झूल रहा है, जबकि बलूच लोग “मैदान में डटे रहकर अपनी जमीन की रक्षा कर रहे हैं।” मर्री ने कहा कि बलूच समुदाय अपने अधिकार “किसी के सहारे नहीं, बल्कि अपने संघर्ष और बलिदान से” हासिल करेगा।

‘ऑपरेशन हीरोफ 2.0’ की शुरुआत के दौरान बीएलए ने अपने कमांडर-इन-चीफ बशीर ज़ेब बलूच का एक वीडियो संदेश भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने लोगों से अपने घरों से बाहर निकलकर सशस्त्र आंदोलन के इस निर्णायक चरण में शामिल होने की अपील की थी।

 उन्होंने कहा, “यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना का है। जब कोई राष्ट्र एकजुट होता है, तो उसकी शक्ति के बावजूद दुश्मन पराजय से नहीं बच सकता। बलूच राष्ट्र से आग्रह है कि वह बाहर आए और ऑपरेशन हीरोफ का हिस्सा बने।”

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • मुंबई: रकुलप्रीत सिंह-वासु भगनानी से जुड़े 12 ठिकानों पर IT की छापेमारी, विदेशों में पैसे भेजने के आरोप

  • ,
  • दिल्ली में कंस्ट्रक्शन पर लगेगी रोक, पार्किंग चार्ज डबल, 1 नवंबर से वर्क फ्रॉम होम का भी ऐलान, जानें सरकार ने क्यों लिया फैसला?

  • ,
  • बड़ी खबर LIVE: TMC के चुनाव चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, ECI को 3 महीने में फैसला लेने का निर्देश

  • ,
  • बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली कोर्ट का नोटिस, महिला पहलवानों ने बरी किए जाने को दी है चुनौती

  • ,
  • ‘विपक्ष पर ED-CBI, जनता पर थप्पड़, 'तानाशाह' BJP-RSS अब हिंसा पर उतारू हैं’, प्रवेश वर्मा के थप्पड़ कांड पर बोले खड़गे