
एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि हैकर्स ने 2012 से लेकर अब तक रिकॉर्ड की गई 1,102 घटनाओं में 30 अरब डॉलर से ज्यादा की चोरी की है। ब्लॉकचेन सिक्युरिटी कंपनी स्लोमिस्ट के अनुसार, चोरी के तरीकों में अनुबंध से जुड़े जोखिम, रग पुल, फ्लैश लोन हमले, घोटाले और प्राइवेट की लीक शीर्ष पांच में रहे हैं।
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इनमें एक्सचेंज हैक की 118, इथेरियम इकोसिस्टम हैक की 217, बीएनबी स्मार्ट चेन इकोसिस्टम हैक की 162, ईओएस इकोसिस्टम हैक की 119 और नॉनफंजीबल टोकन हैक या एनएफटी की 85 घटनाएं शामिल हैं।
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पिछले दशक में कुल एक्सचेंज घाटा 10 अरब डॉलर से अधिक था। रिपोर्ट के अनुसार, 2010 के दशक की शुरुआत और फिर 2019 से 2021 के बीच हैकिंग की घटनाएं सबसे ज्यादा हुईं।वर्ष 2022 के बाद से इनमें कुछ हद तक कमी आई है।
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इस बीच, 'पिंक गैंगर' नाम का एक हैकिंग ग्रुप पत्रकार बनकर लोगों से डिस्कॉर्ड और ट्विटर अकाउंट के आंकड़े लेता था और क्रिप्टो करेंसी की चोरी करता था। एंटी-स्कैम मंच स्कैमस्निफर के विश्लेषक के अनुसार, पिंक ड्रेनर 1,932 पीडि़तों के आंकड़े एकत्र कर मेनेट, आर्बिट्रम, बीएनबी, पॉलीगॉन, अपीमिज्म और अन्य ब्लॉक चेन से लगभग 30 लाख डॉलर की डिजिटल संपत्ति की चोरी की थी।
एक व्यक्ति से एनएफटी में 3,27,000 डॉलर की चोरी के बाद स्कैमस्निफर के ऑन-चेन मॉनिटरिंग बॉट्स द्वारा उसे पकड़ा गया था।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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