
पाकिस्तान के मौसम विभाग ने रविवार को देश भर में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि देश के उत्तरी हिस्से में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 327 हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
देश में 26 जून से शुरू हुई मानसूनी बारिश ने तबाही मचा दी है, जिसके कारण अब तक लगभग 650 लोगों की मौत हो चुकी है।
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मौसम विभाग ने 17 अगस्त से 21 अगस्त तक देश भर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के लोगों से "एहतियाती उपाय" करने का आग्रह किया है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने यह भी चेतावनी दी है कि इस वर्ष सामान्य से पहले शुरू हुई मूसलाधार बारिश के अगले दो सप्ताह तक और अधिक तीव्रता के साथ जारी रहने के आसार हैं।
एनडीएमए के अनुसार, मूसलाधार मानसूनी बारिश और बादल फटने से आई बाढ़ के कारण खैबर पख्तूनख्वा में कम से कम 327 लोगों की मौत हो गई है। अकेले बुनेर में ही 200 से अधिक लोग मारे गए, जो सबसे अधिक प्रभावित जिला है।
घर ढहने की घटनाओं में कम से कम 137 लोग घायल हो गए और पानी के तेज बहाव में लोग, मवेशी और वाहन बह गए।
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अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दूरदराज के गांवों में कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है तथा कई लोग लापता हैं।
अधिकारियों के अनुसार, लगभग 2,000 कर्मियों के साथ बचाव कार्य जारी है, लेकिन पुलों और संपर्क मार्गों सहित प्रमुख सड़कों के नष्ट होने से राहत कार्य जटिल हो गए हैं।
खैबर पख्तूनख्वा की बचाव एजेंसी के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने कहा, “भारी वर्षा, भूस्खलन और बह गई सड़कें बचाव कार्यों, खासकर भारी मशीनरी और एम्बुलेंस के परिवहन में गंभीर रूप से बाधा डाल रही हैं।”
पाकिस्तानी सेना की ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू’ (यूएसएआर) टीम ने भी बुनेर, शांगला और स्वात में बचाव अभियान शुरू किया और उसने घायल लोगों का पता लगाने और मलबे में फंसे शवों को निकालने के लिए उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल किया है।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन खान गंडापुर ने शनिवार को बुनेर का दौरा कर चल रहे बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।
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