
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मंगलवार रात तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका चार घंटे के भीतर ईरान के अहम ढांचों को पूरी तरह नष्ट करने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली संयंत्रों और पुलों पर संभावित हमलों को लेकर युद्ध अपराधों के आरोपों से वे सहमत नहीं हैं। इस दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी ईरान को सख्त संदेश दिया।
ट्रंप ने कहा कि पिछली बार ईरान ने सात दिनों का विस्तार माँगा था, और मैंने उन्हें 10 दिन दिए थे, अब उनके पास कल तक का समय है। मुझे लगता है कि वे सद्भावना के साथ बातचीत कर रहे हैं।
वॉशिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास ऐसी सैन्य योजना तैयार है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर ईरान के प्रमुख पुलों और बिजली संयंत्रों को बहुत कम समय में निष्क्रिय किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि यदि आदेश दिया गया, तो इन ठिकानों को चार घंटे के भीतर गंभीर नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
मैं तो चाहूँगा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करने के लिए अमेरिका टोल वसूले, बजाय इसके कि ईरान को यह अधिकार मिले; आख़िर हम ऐसा क्यों न करें, जब युद्ध के विजेता हम ही हैं?
ट्रंप ने ईरान से अमेरिकी पूर्वी समयानुसार मंगलवार रात 8 बजे तक समझौते पर सहमत होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति को निर्बाध रखने की अपील की। जब उनसे संभावित हमलों को लेकर युद्ध अपराधों के आरोपों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने 45 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव दिया था, लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार नहीं किया और स्थायी समाधान की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि समझौता होता है, तो अमेरिका ईरान के पुनर्निर्माण में सहयोग देने पर विचार कर सकता है।
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