
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 10वां दिन है। हर बीते दिन के साथ हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इलाके में नए एयरस्ट्राइक, मिसाइल हमलों और सैन्य दावों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। इस बीच ईरान की सरकारी मीडिया ने बड़ा दावा करते हुए मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक वे अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह लेंगे, जिनके बारे में कहा गया है कि वे अमेरिका-इजरायल हमलों में मारे गए।
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युद्ध के बीच अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने तेहरान में एक तेल संयंत्र पर हमला किया, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई। वहीं, 80 से ज्यादा इजरायली फाइटर जेट्स ने तेहरान की इमाम हुसैन यूनिवर्सिटी और अंडरग्राउंड बैलिस्टिक मिसाइल साइलो को निशाना बनाया। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में मिसाइलों की पहली खेप भी लॉन्च की गई है।
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने दावा किया कि लड़ाई शुरू होने के बाद कई अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लिया गया है। हालांकि यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी अमेरिकी सैनिक को कैदी नहीं बनाया गया है।
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ऊदर ईरान पलटवार कर रहा है। युद्ध का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। बहरीन और सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में 200 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है। धमाकों और मिसाइल अलर्ट के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी कुछ समय के लिए अपने ऑपरेशन रोकने पड़े।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों को संदेश देते हुए कहा कि अगर हमले बंद हो जाते हैं तो स्थिति सामान्य हो सकती है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को 151 मिलियन डॉलर के नए हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी और ईरान से पूरी तरह सरेंडर करने की मांग भी की है।
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जंग के कारण भारी जनहानि की खबरें सामने आ रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान में मरने वालों की संख्या करीब 1,230 तक पहुंच गई है, जबकि लेबनान में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं सातवें अमेरिकी सैनिक के मारे जाने की खबर भी सामने आई है।
तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। अमेरिका में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जो रूस के 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद पहली बार हुआ है। इसके साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिम का हवाला देते हुए सऊदी अरब में मौजूद गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है।
इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि ईरानी नौसेना का जहाज IRIS लवन मानवीय आधार पर कोच्चि बंदरगाह पर डॉक किया गया है, जब एक अमेरिकी सबमरीन ने उसके एक सिस्टर शिप को डुबो दिया था। दूसरी ओर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि कीव मिडिल ईस्ट में आम नागरिकों और वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों की मदद के लिए विशेषज्ञ भेजेगा।
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