
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मना करने के बावजूद इजरायल ने सोमवार तड़के ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, राजधानी तेहरान, इस्फहान, तब्रीज और पश्चिमी ईरान के कुछ अन्य इलाकों में हमले किए गए। वहीं, लेबनान की राजधानी बेरूत से भी धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर है। इससे पहले रविवार देर रात ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइल हमले किए गए थे।
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि उसकी वायुसेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी पुष्टि की है कि इजरायल ने ईरानी सीमा के भीतर हमला किया है। आईआरजीसी के मुताबिक, हमले में हवा से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, इस्फहान में कम से कम तीन बड़े धमाके सुने गए, जबकि तेहरान, तब्रीज और करज से भी विस्फोटों की खबरें आईं। हालांकि, इजरायल का दावा है कि उसके किसी भी विमान ने ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया। उसके अनुसार, हमले इराक के हवाई क्षेत्र और भूमध्य सागर में तैनात युद्धपोतों से किए गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से उत्तरी इजरायल पर हुए ईरानी हमले का जवाब नहीं देने की अपील की थी। ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि नेतन्याहू ने ट्रंप की सलाह मान ली है। इसके बावजूद इजरायल ने सोमवार तड़के ईरान के कई ठिकानों पर हमला कर दिया। इस बीच इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर का हालिया बयान भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कहा था, "तेहरान को जलना ही होगा।" इस बयान से संकेत मिले थे कि इजरायल सख्त जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है।
ईरान पर हमले के बाद इजरायल ने संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए देशभर में अलर्ट घोषित कर दिया है। इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने सभी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं, जबकि अस्पतालों को अंडरग्राउंड सुविधाओं से संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
रविवार को ईरानी मिसाइल हमलों के बाद इजरायल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। देश में सार्वजनिक परिवहन फिलहाल 75 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इजरायल एयरपोर्ट अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि हवाई अड्डों के संचालन में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, जानकारी सामने आई है कि इजरायल ईरान के खिलाफ आगे भी बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
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