
पिछले महीने 7 अक्टूबर को इजरायल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से गाजा में फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए काम कर रहे संयुक्त राष्ट्र राहत कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के कम से कम 102 कर्मचारी अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं। एजेंसी के मुताबिक, वैश्विक संस्था के इतिहास में इतने कम समय में संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों की मौत का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में गाजा पट्टी के उत्तर में इजरायली हमलों के कारण यूएनआरडब्ल्यूए स्टाफ की एक सदस्य और उसके परिवार की मौत हो गई। इसमें कहा गया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से कम से कम 27 स्टाफ सदस्य भी घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र कार्यालयों ने 102 पीड़ितों को सम्मान देने के लिए सोमवार को वैश्विक स्तर पर अपने झंडे आधे झुका दिए।
यूएनआरडब्ल्यूए के अनुसार, इस बीच संयुक्त राष्ट्र के सभी कर्मचारियों ने गाजा में अपनी जान गंवाने वाले अपने सहयोगियों पर शोक व्यक्त करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए मौन रखा। एजेंसी ने यह भी कहा कि उसने तैनात 124 चिकित्सा टीमों के माध्यम से आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना जारी रखा है।
साथ ही एजेंसी ने कहा कि अगर मंगलवार तक अतिरिक्त ईंधन उपलब्ध नहीं कराया गया तो स्वास्थ्य केंद्रों का ईंधन भंडार समाप्त हो जाएगा। यूएनआरडब्ल्यूए संचालन पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर निर्भर करेगा। संयुक्त राष्ट्र निकाय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सौर ऊर्जा की कार्यक्षमता की गारंटी नहीं है क्योंकि किसी भी खराबी या बैटरी की विफलता के कारण सभी ऑपरेशन पूरी तरह से बंद हो जाएंगे।
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