
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सात मंजिला इमारत में बृहस्पतिवार रात आग लगने से कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य लोग घायल हो गए। आग लगने की यह घटना ढाका के बेली रोड इलाके में ‘ग्रीन कोजी कॉटेज’ इमारत में हुई। यह घटना बांग्लादेश में हालिया वर्षों में आग लगने की सबसे भीषण घटनाओं में एक है।
दमकल सेवा के अधिकारियों ने बताया कि इमारत की पहली मंजिल पर स्थित लोकप्रिय रेस्तरां ‘कच्ची भाई’ में बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजकर 50 मिनट पर आग लग गई जो तेजी से ऊपर की मंजिलों में भी फैल गई। इन मंजिलों पर रेस्तरां एवं कपड़े की दुकानें थीं।
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बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सामंत लाल सेन ने शुक्रवार को कहा कि ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में 33 और ‘शेख हसीना नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी’ में 10 शवों को लाया गया तथा एक अन्य व्यक्ति की ‘पुलिस अस्पताल’ में मौत हो गई।
ढाका के उपजिलाधिकारी (एनडीसी) मुस्तफा अब्दुल्ला अल नूर ने ‘द डेली स्टार’ समाचार पत्र को बताया कि डीएमसीएच की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती एक और घायल व्यक्ति की सुबह करीब सात बजे मौत हो गई।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री शेख हसीना वाणिज्यिक इमारत में आग लगने की इस घटना पर करीब से नजर रख रही हैं। अब तक 39 शवों की पहचान हो चुकी है। इनमें से, कम से कम 31 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। बाकी शव डीएनए जांच के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे।
मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि डीएमसीएच और ‘शेख हसीना नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी’ में 22 लोगों का उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत ‘‘नाजुक’’ है।
सेन स्वयं भी चिकित्सक हैं। उन्होंने ‘डीएमसीएच’ में संवाददाताओं से कहा ‘‘बचाए गए लोगों का श्वसन तंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।’’
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अधिकारियों ने बताया कि इमारत से 75 लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से 42 लोग बेहोश थे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर दमकल सेवा की 13 गाड़ियों को भेजा गया।
चिकित्सकों ने कहा कि कुछ लोगों के शव इतनी बुरी तरह झुलस गए हैं कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल है। उन्होंने मृतक संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद लोग बचने के लिए ऊपर की मंजिलों की ओर भागे और कई लोगों को दमकलकर्मियों ने सीढ़ियों की मदद से बाहर निकाला।
पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल मामून ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 75 लोगों को बचा लिया गया है। उन्होंने बताया कि घटना में बचाए गए कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मृतकों में एक पुलिस अधिकारी की बेटी भी शामिल है।
अग्निशमन सेवा के महानिदेशक ने बताया कि 42 बेहोश लोगों में 21 महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस इमारत में हालात खतरनाक थे, यहां तक कि सीढ़ियों पर भी गैस सिलेंडर रखे थे।’’
अधिकारी ने कहा कि आग शायद गैस रिसाव या चूल्हे से लगी। उन्होंने कहा कि इमारत से सीढ़ियों के जरिए ही बाहर निकला जा सकता था और यही एकमात्र निकास मार्ग था।
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अग्निशमन कर्मियों ने बताया कि ज्यादातर लोगों की मौत इमारत से कूदने या जलने या दम घुटने से हुई। दमलकल कर्मियों ने आग पर देर रात साढ़े 12 बजे काबू पा लिया। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
सुरक्षा संबंधी नियमों को लागू करने में ढिलाई के कारण बांग्लादेश में इमारतों और फैक्टरी परिसरों में आग लगना आम बात है।
बांग्लादेश अग्निशमन सेवा एवं नागरिक सुरक्षा (एफएससीडी) मुख्यालय के अनुसार, 2023 में देश भर में आग लगने की 27,624 घटनाओं में 102 लोगों की मौत हुई और 281 अन्य लोग घायल हुए।
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