
नेपाल में फिर बाढ़ का कहर देखने को मिला, जानकारी के मुताबिक गोरखा के जगत इलाके में नदी किनारे बने पांच से सात मकान बहने की शुरुआती सूचना है।
सिउरिबास के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन के बाद नदी में पानी और मलबे का बहाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।
चुमलिंग और लोकपा समेत आसपास की बस्तियों के लोग एहतियातन घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे।
नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सुबह 6:40 बजे चेतावनी जारी कर लोगों को नदी से दूर रहने और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी।
नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बुढ़ी गंडकी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। तेज बहाव के साथ मिट्टी और मलबा आने से नदी किनारे बने कई मकान बह गए। प्रशासन के शुरुआती आकलन के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र में सिउरिबास के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन हुआ है। इसके बाद नदी में पानी और मलबे का बहाव बढ़ने की आशंका है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जगत इलाके में नदी किनारे बने पांच से सात मकान बह गए हैं। निचले इलाकों में भी कुछ घरों के क्षतिग्रस्त होने या बहने की खबर है।
स्थानीय प्रशासन को आशंका है कि चेकेम्पार इलाके में भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह रुक गया होगा। इससे अस्थायी बांध जैसी स्थिति बनी और उसके टूटने पर पानी तेजी से नीचे की ओर बह निकला। हालांकि, बाढ़ की वास्तविक वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
जलस्तर बढ़ने के बाद चुमलिंग और लोकपा समेत आसपास के गांवों में लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। प्रशासन ने नदी से दूर रहने और ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लेने की अपील की है।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रविवार सुबह 6:40 बजे बाढ़ की चेतावनी जारी की। लोगों को पानी का बहाव गुजरने तक त्रिशूली दोभान तक नदी के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई। आरुघाट स्थित क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय ने भी लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सतर्क किया। प्रशासन फिलहाल हालात पर नजर रख रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए