
ईरान के साथ बातचीत के दावे के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर ईरान को गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान को ‘‘बहुत देर होने से पहले बातचीत को लेकर गंभीर हो जाना चाहिए, क्योंकि इसके बाद पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं होगा। यह पोस्ट ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देश समझौते के करीब हैं।
Published: undefined
इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15 सूत्री युद्धविराम योजना को ईरान द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद तेहरान हमसे समझौता करने की भीख मांग रहा है। ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान उनके सामने गिड़गिड़ा रहा है और वो डील की भीख मांग रहा है। ट्रंप का यह भी कहना है कि ईरानी वार्ताकार बहुत अजीब हैं। उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि तेहरान को "जल्द ही गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।"
Published: undefined
ट्रंप ने कहा, "ईरानी वार्ताकार बहुत अलग और अजीब हैं। वे हमसे डील करने के लिए गुजारिश कर रहे हैं, जो उन्हें करना चाहिए क्योंकि वो सैन्य रूप से खत्म हो चुके हैं और वापसी का कोई मौका उनके पास नहीं है, और फिर भी वे सबके सामने कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव को देख रहे हैं। गलत!!! उन्हें जल्द ही गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, क्योंकि एक बार ऐसा हो गया, तो पीछे मुड़ना मुमकिन नहीं है, और यह अच्छा नहीं होगा!"
Published: undefined
गौरतलब है कि ट्रंप के बार-बार दावों के बावजूद ईरान ने बातचीत की संभावना पर मिले-जुले संकेत दिए हैं, जब ऐसी खबरें आईं कि ट्रंप प्रशासन ने इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तान के जरिए तेहरान को 15-सूत्रीय संघर्ष विराम योजना पेश की है। सार्वजनिक रूप से, ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि उनकी सरकार ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत नहीं की है और न ही उनकी किसी बातचीत की योजना है। हालांकि उन्होंने माना कि अमेरिका ने दूसरे देशों के जरिए ईरान को संदेश भेजने की कोशिश की थी, उन्होंने कहा कि यह "न तो बातचीत थी और न ही कोई नेगोशिएशन।"
Published: undefined
धमकी, चेतावनी और विरोध के बीच पश्चिम एशिया ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 27 मार्च का दिन काफी अहम है। 23 मार्च को ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता का दावा करते हुए कहा था कि बातचीत "सकारात्मक और रचनात्मक" है, इसलिए वो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले के फैसले को "5 दिन के लिए टाल रहे हैं।" इसकी मियाद शुक्रवार को समाप्त हो रही है।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined