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अमेरिका-ईरान तनाव: जॉर्डन में दो सैनिकों की मौत के बाद ईरान पर नए एयरस्ट्राइक, खामेनेई की चेतावनी

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने ईरान पर नए एयरस्ट्राइक किए, जबकि खामेनेई ने कड़ी चेतावनी दी है।

फोटोः IANS
फोटोः IANS 

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत और एक के लापता होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और जॉर्डन में हुए हमले का जवाब देना है।

जॉर्डन हमले के बाद भड़का अमेरिका

CENTCOM के अनुसार, शनिवार शाम 6 बजे (ईस्टर्न टाइम) अमेरिकी सेना ने ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सेना का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद होर्मुज क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की क्षमताओं को कमजोर करना है।

17 जुलाई को जॉर्डन में हुए ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, जबकि एक अन्य सैनिक अब भी लापता है। सेना ने कहा है कि मृत सैनिकों के नाम परिजनों को सूचना दिए जाने के 24 घंटे बाद ही सार्वजनिक किए जाएंगे।

घायल सैनिकों की हालत और युद्ध में बढ़ता नुकसान

अमेरिकी सेना के मुताबिक, हमले के बाद चार सैनिकों को जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जिन्हें अब छुट्टी दे दी गई है। मामूली रूप से घायल अन्य सैनिक इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं।

इन घटनाओं के बाद युद्ध शुरू होने से अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 430 से अधिक सैनिक घायल हुए हैं। शनिवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं पर हमले किए। यह लगातार सातवीं रात है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है।

खामेनेई की चेतावनी, ट्रंप के समझौतों पर उठाए सवाल

इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका अपने हमले जारी रखता है तो उसे "ऐसा सबक मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूलेगा।"

खामेनेई ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर वाले किसी भी समझौते की अब कोई वैधता नहीं रह गई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।

ईरान का जवाबी हमला, पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत, इराक, बहरीन, जॉर्डन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सबसे अधिक नुकसान कुवैत में हुआ, जहां एक समुद्री जल शोधन संयंत्र और एक तेल सुविधा के क्षतिग्रस्त होने की खबर है।

लगातार बढ़ रही सैन्य कार्रवाई के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। दोनों देशों की ओर से हो रही जवाबी कार्रवाई के कारण क्षेत्र में कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं फिलहाल कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं।

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