दुनिया

कौन होगा पाकिस्तान का अगला सेना प्रमुख! तय करने में शहबाज सरकार के छूट रहे पसीने

वर्तमान पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा नवंबर के अंतिम सप्ताह में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बाजवा को इमरान खान की तत्कालीन सरकार द्वारा 2019 में तीन साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया था। बाजवा ने एक और विस्तार मिलने की किसी भी अफवाह को खारिज कर दिया है।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

पाकिस्तान की मौजूदा शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सामने खड़ी राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बीच देश के अगले सेनाध्यक्ष (सीओएएस) की नियुक्ति सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होने जा रही है। क्योंकि उसे सैन्य प्रतिष्ठान द्वारा अनुशंसित चार उम्मीदवारों के बीच चयन करना होगा। लेकिन नए सेना प्रमुख की नियुक्ति शरीफ परिवार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है, क्योंकि शरीफ परिवार इसे कभी भी ठीक से नहीं कर पाया, क्योंकि अतीत में सैन्य तख्तापलट का उदाहरण सबके सामने है।

पाकिस्तान में अगले थल सेना प्रमुख के नाम उसी बैच के होते हैं, जबकि लॉट की वरिष्ठता तकनीकी आधार पर निर्धारित की जाती है। अगले सेना प्रमुख के लिए अनुशंसा किए गए नाम इस प्रकार हैं: लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर, लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्जा, लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास, लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद, लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद और लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद आमिर।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सूत्रों ने पहले ही अगस्त के अंत तक नियुक्ति पर बंद दरवाजे में चर्चा और संभवत: सितंबर, 2022 के मध्य तक अंतिम निर्णय की ओर संकेत किया है। पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 243 (3) के अनुसार, राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सिफारिश पर सेना प्रमुख की नियुक्ति करता है। रूल्स ऑफ बिजनेस की अनुसूची वी-ए, जो कि प्रधान मंत्री को उनकी मंजूरी के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले मामलों को विस्तृत करती है, में कहा गया है कि सेना में लेफ्टिनेंट-जनरल और अन्य रक्षा सेवाओं में समकक्ष रैंक से ऊपर के पद की नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति के परामर्श से की जाएगी।

हालांकि नियम अन्यथा बने रह सकते हैं, क्योंकि पाकिस्तान में सामान्य प्रथा हमेशा से ही अलग रही है। परंपरा के अनुसार, जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) चार से पांच सबसे वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरलों की एक सूची उनकी व्यक्तिगत फाइलों के साथ रक्षा मंत्रालय को भेजता है, जो फिर इसे प्रधानमंत्री कार्यालय को एक अधिकारी चुनने के लिए अग्रेषित (आगे बढ़ाना) करता है जो इसके लिए सबसे उपयुक्त हो सकता है। भले ही रक्षा मंत्रालय के पास सिफारिशों की समीक्षा का अधिकार है, लेकिन यह आमतौर पर जीएचक्यू की सिफारिशों पर कोई सवाल उठाने का प्रयास नहीं करता है और इसे प्रधानमंत्री कार्यालय को अग्रेषित करता है।

वर्तमान सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल कमर जावेद बाजवा नवंबर के अंतिम सप्ताह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। बाजवा की नियुक्ति तीन साल के लिए होनी थी। हालांकि, बाजवा को इमरान खान की तत्कालीन सरकार द्वारा 2019 में तीन साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया था। जनरल बाजवा और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने किसी भी अफवाह को खारिज कर दिया है कि उन्हें एक और विस्तार मिल सकता है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बाजवा नवंबर में सेवानिवृत्त होंगे।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • बड़ी खबर LIVE: राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' के लिए पुणे पहुंचे, थोड़ी देर में लड़कियों के मुद्दे पर करेंगे बात

  • ,
  • चंदा चोरीः फैजाबाद के वकीलों की चेतावनी- चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर केस दर्ज नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे

  • ,
  • खेल: गौतम गंभीर ने तीन टेस्ट की श्रृंखला की वकालत की और जुबिन भरूचा मुंबई इंडियंस के प्रदर्शन निदेशक नियुक्त

  • ,
  • युद्ध के बीच ईरान ने बढ़ाई हथियार बनाने की रफ्तार, उत्पादन दोगुना करने का दावा, बढ़ेगी ट्रंप की टेंशन

  • ,
  • सिनेजीवन: 'हमारी अधूरी कहानी' शूट करते वक्त टूटे हुए थे इमरान और भाभी करीना कपूर के सपोर्ट में आई सबा पटौदी