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दुनिया की खबरें: यमन की राजधानी पर अमेरिकी हवाई हमलों में 1 की मौत और ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता अंतिम चरण में

हूती नियंत्रित अल-मसीरा टीवी ने बताया कि सना और उसके आसपास के कई इलाकों पर अमेरिका ने करीब 20 हवाई हमले किए। इनमें माउंट नुकुम में स्थित अल-हफा सैन्य ठिकाना और बानी हशिश, निहम और मनखा जैसे जिले शामिल हैं।

फोटो: IANS
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यमन की राजधानी सना में अमेरिकी हवाई हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। हूती नियंत्रित स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हमले रिहायशी इलाके और अन्य स्थानों पर किए गए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, बुधवार को स्थानीय लोगों ने बताया कि हमलों में सना के बीच स्थित अल-नहदा इलाके के एक घर को निशाना बनाया गया।

इस बीच, हूती नियंत्रित अल-मसीरा टीवी ने बताया कि सना और उसके आसपास के कई इलाकों पर अमेरिका ने करीब 20 हवाई हमले किए। इनमें माउंट नुकुम में स्थित अल-हफा सैन्य ठिकाना और बानी हशिश, निहम और मनखा जैसे जिले शामिल हैं।

बताया गया कि पूरे शहर में लड़ाकू विमानों की आवाजें और धमाकों की गूंज सुनी गई।

15 मार्च को अमेरिकी सेना ने हूती मिलिशिया पर फिर से हवाई हमले शुरू किए। इसका मकसद उन्हें लाल सागर में इजरायली ठिकानों और अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले करने से रोकना था।

हूती सना समेत उत्तरी यमन के ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा रखते हैं। उन्होंने कहा है कि अगर इजरायल गाजा पट्टी में युद्ध रोक दे और वहां जरूरी खाद्य सामग्री और दवाएं जाने दे, तो वे भी अपने हमले बंद कर देंगे।

हूती विद्रोहियों ने रविवार रात को कहा कि उन्होंने यमन के हज्जाह प्रांत में एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया। हज्जाह प्रांत यमन के उत्तर-पश्चिम में लाल सागर के पास और सऊदी अरब की सीमा पर स्थित है।

हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने एक पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश में कहा कि यह गोलीबारी दो हफ्तों में विद्रोहियों द्वारा की गई चौथी घटना है।

सारी ने कहा कि विद्रोहियों ने ड्रोन को "स्थानीय रूप से बनाए गए मिसाइल" से निशाना बनाया।

हूती के पास सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें ईरानी मिसाइल '358' की ही तरह हैं, जो विमान को मार गिराने में सक्षम हैं।

ईरान ने विद्रोहियों को हथियार देने से इनकार किया है, लेकिन युद्ध के मैदान में और संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंध के बावजूद यमन में शिया हूती विद्रोहियों के लिए भेजे जा रहे समुद्री जहाजों में तेहरान द्वारा बनाए गए हथियार पाए गए हैं।

यह नया हवाई हमला तब शुरू हुआ जब विद्रोहियों ने धमकी दी कि अगर इजरायल गाजा पट्टी में मदद पहुंचाने में रुकावट डालेगा, तो वे फिर से "इजरायली" जहाजों को निशाना बनाएंगे।

विद्रोहियों ने "इजरायली जहाज" की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी है, यानी यह हो सकता है कि वे कई जहाजों को निशाना बनाएं।

हूती विद्रोहियों ने नवंबर 2023 से जनवरी 2024 तक 100 से ज्यादा व्यापारिक जहाजों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया, जिनमें से दो जहाज डूब गए और चार नाविक मारे गए। उन्होंने अमेरिकी युद्धपोतों को भी निशाना बनाकर हमले किए, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए।

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गाजा पर इजरायली हमलों में 19 फिलीस्तीनी नागरिकों की मौत

गाजा पट्टी के विभिन्न क्षेत्रों में इजरायली हमलों में कम से कम 19 फिलीस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। गाजा सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) के प्रवक्ता महमूद बसल ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि गाजा शहर के उत्तर-पूर्व में अल-तुफाह पड़ोस में हसौना परिवार के घर को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हवाई हमले में कई बच्चों और महिलाओं समेत 10 लोग मारे गए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा पट्टी के उत्तर में जबालिया क्षेत्र में इजरायली सेना ने तीन लोगों की हत्या कर दी और अन्य को घायल कर दिया।

प्रवक्ता महमूद बसल ने बताया कि गाजा पट्टी के दक्षिणी शहर खान यूनिस में इजरायली ड्रोन हमलों में कम से कम दो बच्चों समेत पांच लोगों की जान गई। वहीं, केंद्रीय नुसेरात शहर में विस्थापितों को भोजन वितरित करने वाले एक टेंट पर इजरायली विमान के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह से ही गाजा सिटी के पूर्वी हिस्सों, बेत हनून और बेत लाहिया क्षेत्रों में इजरायली तोपखाने से लगातार गोला-बारी की जा रही है।

इस बीच, हमास के सशस्त्र विंग अल-कसम ब्रिगेड ने एक बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने गाजा सिटी के पूर्वी हिस्से में स्थित अल-वफा अस्पताल के पास तीन इजरायली मर्कावा-4 टैंकों को निशाना बनाया। हालांकि, इजरायली सेना ने अब तक इन हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने बुधवार को एक बयान में कहा कि 18 मार्च से गाजा पट्टी में फिर से शुरू किए गए अभियान के तहत हमास के राजनीतिक ब्यूरो के कुल 11 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए हैं।

बयान के अनुसार, फिर से शुरू किए गए अभियानों में अब तक वायुसेना के 350 लड़ाकू विमानों और विमानों ने लगभग 1,200 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। 100 से अधिक लक्ष्य सटीक हमलों में नष्ट किए गए हैं, और गाजा पट्टी में आतंकी संगठनों के सैकड़ों आतंकियों व सैन्य कमांडरों को मार गिराया गया है।

गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को घोषणा की कि पिछले 24 घंटों में गाजा में कम से कम 25 लोग मारे गए और 89 अन्य घायल हुए हैं। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, इजरायल द्वारा गाजा पर फिर से आक्रमण शुरू करने के बाद से अब तक मरने वालों की संख्या 1,652 हो गई है, तथा अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल मरने वालों की संख्या 51,025 हो गई है।

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ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता 'बहुत महत्वपूर्ण' चरण में : आईएईए प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता "बहुत महत्वपूर्ण" चरण में है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख ग्रॉसी ने यह टिप्पणी इस्लामी गणराज्य की यात्रा के दौरान तेहरान में की।

ईरान और अमेरिका पिछले सप्ताहांत ओमान में हुई पहली बैठक के बाद वार्ता के नए दौर के लिए शनिवार को रोम में पुनः मिलेंगे।

ग्रॉसी की यात्रा के साथ ही सऊदी अरब के रक्षा मंत्री शहजादे खालिद बिन सलमान भी तेहरान यात्रा पर हैं जो 2023 में दोनों देशों के बीच चीन की मध्यस्थता से हुए समझौते के बाद ईरान का दौरा करने वाले सऊदी अरब के सर्वोच्च अधिकारी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार धमकी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर हवाई हमले करेंगे।

दूसरी ओर, ईरानी अधिकारी लगातार इस बात की चेतावनी दे रहे हैं कि वे अपने यूरेनियम भंडार को हथियार बनाने के स्तर तक समृद्ध करके, परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

ग्रॉसी बुधवार रात ईरान पहुंचे और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से मुलाकात की, जो संभवतः वार्ता के संबंध में अलग से बातचीत के लिए रूस में हैं।

ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी से बृहस्पतिवार को मुलाकात की।

उन्होंने ईरानी मीडिया से कहा, "हम जानते हैं कि हम इस महत्वपूर्ण वार्ता के एक बहुत ही अहम चरण में हैं, इसलिए मैं सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं।"

ग्रॉसी ने कहा, "अच्छे नतीजे की संभावना है। कुछ भी गारंटी नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि हम इस समझौते पर पहुंचने के लिए सभी तत्वों को सही जगह पर रखें।"

सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामी ने कहा कि ईरान को उम्मीद है कि आईएईए "निष्पक्षता बनाए रखेगा और पेशेवर तरीके से काम करेगा।"

विदेश दुबई

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