
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सुबह दावा किया था कि उसने अमेरिका के एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया है, तब उस देश के नाम का खुलासा नहीं किया गया था। अब जाहिर हुआ है कि वह सैन्य प्रतिष्ठान कुवैत में मौजूद था। ईरान की इस कार्रवाई का जीसीसी, यानी गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल, ने विरोध किया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि ईरान ने कुवैत पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थीं, जिसे कुवैती सेना ने हवा में ही मार गिराया। अमेरिका ने इसे सीजफायर का गंभीर उल्लंघन बताया है। सेंटकाम के मुताबिक 27 मई की रात 10:17 बजे ईरान ने कुवैत की तरफ बैलिस्टिक मिसाइल भेजी थी।
अमेरिका ने कहा कि मिसाइल हमले से कुछ घंटे पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास 5 वन-वे अटैक ड्रोन भी भेजे थे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने इंटरसेप्ट कर लिया।
सेंटकाम ने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने बंदर अब्बास स्थित ईरानी ग्राउंड कंट्रोल साइट से छठा ड्रोन लॉन्च होने से भी रोक दिया। अमेरिकी सेना ने कहा कि वह और उसके क्षेत्रीय सहयोगी ईरानी आक्रामकता से अपने सैनिकों और हितों की रक्षा के लिए सतर्क हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत स्थित अमेरिकी एयरबेस पर हुए मिसाइल हमले की कई खाड़ी देशों ने कड़ी निंदा की है। संयुक्त अरब अमीरात, कतर और सऊदी अरब ने इस हमले को कुवैत की संप्रभुता का “स्पष्ट उल्लंघन” बताया है।
Published: undefined
पश्चिम एशिया में हालात एकबार फिर से तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। ताजा मामले में ईरान ने कुवैत में अमेरिकी बेस पर भीषण ड्रोन हमला किया है। वहीं, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सीईएनटीसीओएम) ने गुरुवार को कहा कि ईरान ने कुवैत की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की, जिसे कुवैती फोर्स ने सफलतापूर्वक रोक दिया।
सेंटकाम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “27 मई को रात 10:17 बजे ईटी (अमेरिकी समय) पर, ईरान ने कुवैत की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की, जिसे कुवैती सेना ने सफलतापूर्वक रोक दिया।”
सेंटकाम ने कहा, “ईरानी सरकार द्वारा यह बड़ा सीजफायर उल्लंघन तब हुआ, जब ईरानी सेना ने पांच वन-वे अटैक ड्रोन लॉन्च किए, जो होर्मुज स्ट्रेट में और उसके पास साफ खतरा पैदा कर रहे थे। सभी ड्रोन को अमेरिकी सेना ने सफलतापूर्वक रोक लिया। बंदर अब्बास पोर्ट पर ईरानी ग्राउंड कंट्रोल साइट से छठे ड्रोन लॉन्च को भी रोका गया।”
बुधवार को, कुवैत आर्मी ने कहा कि देश के एयर डिफेंस दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं। सेना के जनरल स्टाफ के मुताबिक, जो भी धमाके सुनाई दे रहे हैं, वे वायु रक्षा प्रणाली के दुश्मन के हमलों को रोकने का नतीजा हैं।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने गुरुवार को इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे “ईरान का आतंकवादी ड्रोन और मिसाइल हमला” बताया।
यूएई के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने एक बयान में कहा, “ये आतंकवादी हमले कुवैत की स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन हैं और उसकी सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं।”
मंत्रालय ने कुवैत के साथ यूएई की पूरी एकजुटता और इसकी सुरक्षा और स्थिरता को सुरक्षित रखने के सभी उपायों के लिए अपना समर्थन भी जताया।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ऐसे किसी भी अरेंजमेंट से इनकार कर दिया, जिससे ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल करने की इजाजत मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह रणनीतिक समुद्री रास्ता सभी देशों के लिए खुला रहेगा, भले ही उनकी सरकार तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर उसके साथ बातचीत जारी रखे।
Published: undefined
युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए कुवैत पर किये गये ताजा मिसाइल हमले को लेकर अमेरिकी सेना ने बृहस्पतिवार को ईरान की आलोचना की। इस हमले ने युद्ध को खत्म करने के लिए जारी वार्ता को जोखिम में डाल दिया है।
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि कुवैत ने बुधवार देर रात ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों को मार गिराया, और फारस की खाड़ी में अमेरिका के प्रमुख सहयोगियों में से एक पर ईरानी हमले को ‘‘युद्धविराम का घोर उल्लंघन’’ बताया।
कुवैत ने पूर्व में, अपने क्षेत्र पर हमले होने की जानकारी दी थी। वहीं, ईरान ने कहा कि उसने खाड़ी क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर इस सप्ताह की शुरुआत गोलाबारी कर जवाबी कार्रवाई की है।
अमेरिका और ईरान ने पूरे सप्ताह एक-दूसरे पर हमले किए हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि उनका प्रशासन युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ बातचीत में प्रगति कर रहा है।
अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि उसने दक्षिणी ईरान में मिसाइल स्थलों और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं पर ‘‘रक्षात्मक’’ हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार देर रात वाशिंगटन में कहा कि सेना ने ईरान पर और हमले किए, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास खतरा पैदा करने वाले चार ड्रोन को मार गिराया गया और बंदर अब्बास में एक ईरानी जमीनी नियंत्रण स्टेशन को निशाना बनाया, जहां से पांचवां ड्रोन रवाना होने वाला था।
ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के माध्यम से बंदर अब्बास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास हुए हमले की पुष्टि की और कहा कि उसने हमले को अंजाम देने वाले सैन्य ठिकाने पर जवाबी हमला किया है, हालांकि उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि संदर्भित हमले का लक्ष्य कुवैत था या नहीं।
Published: undefined
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में रह रहे और एमवी होंडियस में यात्रा कर चुके छह क्रूज यात्रियों की क्वारंटीन अवधि जून तक के लिए बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार ऐसा ऐहतियातन किया गया। जानकारी के मुताबिक, इसी जहाज से जुड़े कुछ यात्रियों में हंता वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद सावधानी के तौर पर निगरानी अवधि को जून तक बढ़ाया गया है।
चार ऑस्ट्रेलियाई नागरिक, एक स्थायी निवासी और एक न्यूजीलैंड का नागरिक 15 मई से पर्थ के पास एक राष्ट्रीय क्वारंटीन केंद्र में हैं। अब इनकी आइसोलेशन अवधि 23 जून तक बढ़ा दी गई है, ताकि वायरस के संभावित 42-दिवसीय इनक्यूबेशन पीरियड को पूरी तरह कवर किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सलाह के आधार पर लिया गया है।
अब तक सभी छह यात्रियों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और उनमें किसी तरह के लक्षण नहीं पाए गए हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि देर से लक्षण सामने आने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
यह मामला डच-फ्लैग वाले क्रूज जहाज एमवी होंडियस से जुड़ा है, जहां पहले भी संक्रमण के कई मामले सामने आ चुके हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, इस प्रकोप से जुड़े मामलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। हालांकि 2 मई के बाद से इसके संक्रमण से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेड्रोस अधानोम घेब्रियेसस ने बताया कि अब तक इस संक्रमण से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी मरीजों का इलाज चल रहा है और स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
Published: undefined