
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 3.2 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया है। यह तेजी से बढ़ती जनसंख्या वाले देश के लिए चिंताजनक खबर मानी जा रही है। पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में बड़े पैमाने के विनिर्माण क्षेत्र में वास्तविक गिरावट 1.25 प्रतिशत दर्ज की गई और निर्यात भी धीमे पड़ते दिखाई दे रहे हैं। विदेशी ऋण और अन्य बाहरी सहायता के अलावा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के तेजी से बढ़ने का एकमात्र भरोसेमंद साधन प्रवासी श्रमिकों से भेजे गए रेमिटेंस हैं, जो वित्तीय वर्ष 2025 की पहली तिमाही में 8.8 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गए।
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बांग्लादेश की एक अदालत ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को सरकारी आवास परियोजना में भूमि आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामलों में सोमवार को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
ढाका की विशेष अदालत ने 79 वर्षीय शेख हसीना को सरकारी पद का गलत इस्तेमाल कर पुरबाचोल स्थित राजधानी उन्नयन कर्तृपक्ष (राजुक) न्यू टाउन परियोजना में अपनी भतीजी एवं ब्रिटेन की लेबर पार्टी की सांसद व वहां की पूर्व मंत्री ट्यूलिप सिद्दीक सहित अन्य लोगों को आवासीय भूखंड दिलाने के मामले में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
न्यायाधीश रोबी-उल आलम ने इसी मामले में शेख हसीना की दो भतीजियों और एक भतीजे को भी अलग-अलग अवधि की जेल की सजा सुनाई।
सिद्दीक की छोटी बहन आजमान सिद्दीक और भाई रदवान मुजीब सिद्दीक बॉबी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
अपदस्थ प्रधानमंत्री और उनके रिश्तेदारों को यह सजा उनकी अनुपस्थिति में हुई सुनवाई के बाद दी गई।
मामले के 16 आरोपियों में से केवल एक, भूखंड आवंटित करने वाली संस्था राजुक के वरिष्ठ अधिकारी खुर्शीद आलम पर ही व्यक्तिगत रूप से मुकदमा चला और फैसले के समय वह अदालत में मौजूद थे।
मामले के अन्य आरोपियों को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई, जिनमें आवास मंत्रालय के पूर्व कनिष्ठ मंत्री, मंत्रालय के पूर्व सचिव, राजुक के पूर्व अध्यक्ष और संस्था के अन्य अधिकारी शामिल हैं।
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा, “आरोपियों का मुकदमा इस आधार पर नहीं रोका गया कि वे देश से बाहर मौजूद हैं।’’
इस बीच, अब भंग हो चुकी हसीना की अवामी लीग ने इन सजाओं को “पहले निर्धारित” और मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार द्वारा बनाए गए “झूठे मुकदमे” करार दिया। पार्टी पहले ही इन आरोपों को “मनगढ़ंत” और “दुर्भावनापूर्ण” बता चुकी है।
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