
ईरान ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत अब जहाजों को पहले से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में प्रवेश करने से पहले परमिट और बीमा लेना जरूरी होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान समझौते के बाद हाल ही में यह जलमार्ग फिर से खोला गया है।
ईरान की नई बनाई गई पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) ने ये नए नियम जारी किए हैं। यह संस्था वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए समझौते के तहत बनाई गई है, जिसका मकसद तीन महीने से ज्यादा चले संघर्ष के बाद इस रणनीतिक समुद्री रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू करना है।
अथॉरिटी के मुताबिक, इन नियमों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। यह रास्ता दुनिया के करीब एक-पांचवें हिस्से के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) व्यापार के लिए इस्तेमाल होता है।
पीजीएसए ने कहा, “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और संबंधित अधिकारियों के निर्देश जारी होने के बाद, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सूचित किया जाता है कि तय समय के दौरान केवल वही जहाज गुजर सकेंगे जो जरूरी नियमों को पूरा करते हुए अपनी यात्रा की अनुमति के लिए आवेदन जमा करेंगे।”
नए नियमों के अनुसार, जहाज मालिकों और ऑपरेटरों को होर्मुज स्ट्रेट पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले यात्रा की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा।
पीजीएसए ने कहा कि जहाजों को प्रवेश और बाहर निकलने के समय देरी से बचने के लिए अपनी पूरी जानकारी पहले ही देनी होगी।
अथॉरिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि जहाजों को यात्रा की अनुमति मिलने से पहले जरूरी परमिट और बीमा भी लेना होगा।
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इजराइल की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने रातभर दक्षिणी लेबनान में कई लक्ष्यों पर हमले किए, जबकि हिज्बुल्ला ने क्षेत्र में भीषण लड़ाई जारी रहने की जानकारी दी है। इन घटनाओं ने ईरान और अमेरिका के बीच हाल में हुए युद्ध समाप्ति संबंधी प्रारंभिक समझौते के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्ता लड़ाई तेज होने के कारण टाल दी गई। इस वार्ता में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को शामिल होना था।
क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि मध्यस्थ उन बैठकों के समय में बदलाव की कोशिश कर रहे हैं जो ईरान युद्ध की समाप्ति के वास्ते बातचीत शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस बीच लेबनान में लड़ाई में मरने वालों की संख्या बढ गयी है। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘नेशनल न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है। इजराइली सेना ने कहा कि उसकी कार्रवाई अब भी जारी है।
इजराइल ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान एक लेफ्टिनेंट कर्नल समेत उसके चार सैनिक मारे गए। उसने यह भी बताया कि एक विस्फोटक ड्रोन हमले में पांच अन्य सैनिक घायल हो गए। इजराइली सेना ने शुक्रवार को लेबनान की पूर्वी बेका घाटी में भी ठिकानों पर हमला किया।
लगातार जारी संघर्ष से यह नया समझौता प्रभावित हो सकता है, जिसमें “सभी मोर्चों पर तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने” का प्रावधान है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। समझौते में लेबनान की “क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता” सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।
इस प्रारंभिक समझौते का मकसद युद्ध को खत्म करना है। इससे हॉर्मुज जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय नौवहन खुल गया है। समझौत का उद्देश्य तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए अमेरिका और ईरान को फिर से एक साथ लाना भी है। इस जलमार्ग पर ईरान के कड़े नियंत्रण की वजह से तेल की आवाजाही लगभग रुक गई थी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने यह समझौता इसलिए किया ताकि अमेरिका में ‘आर्थिक संकट’ से बचा जा सके, क्योंकि युद्ध के कारण तेल की कीमतें बहुत बढ़ गई थीं, वित्तीय बाज़ार अस्थिर हो गए हैं और महंगाई बढ़ गई है।
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उच्चस्तरीय वार्ता जल्द शुरू करने की अमेरिका की कोशिश को उस समय झटका लगा जब नए समझौते के महज दो दिन बाद सप्ताहांत में होने वाली बातचीत को स्थगित कर दिया गया।
यह समझौता 60 दिनों की उस अवधि को तय करता है जिसके दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर स्थायी सहमति बनाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल यातायात को सामान्य करने का लक्ष्य रखा गया है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड के छोटे से गांव ओब्बुर्गेन में स्थित एक पहाड़ी रिजॉर्ट में अपने ईरानी समकक्षों से शुक्रवार को मिलने और वार्ता शुरू करने के लिए तैयार थे। हालांकि, बृहस्पतिवार देर शाम अचानक यह यात्रा रद्द कर दी गई।
व्हाइट हाउस ने कहा कि वेंस और उनका प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए तैयार था, लेकिन व्यवस्थागत कारणों से योजना अंतिम रूप नहीं ले सकी और उपराष्ट्रपति वाशिंगटन में ही रहेंगे।बयान में कहा गया, ‘‘ इन वार्ताओं की व्यवस्थाएं कभी भी सरल नहीं रही हैं।’’
यह निर्णय उस खबर के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि ईरान, लेबनान में इजराइल के सैन्य अभियान के कारण स्विट्जरलैंड में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने में देरी कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच वर्साय पैलेस में रात्रिभोज के दौरान बुधवार को प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, जबकि ईरान ने भी अलग से दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के अनुसार ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में कम करना होगा और परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता दोहरानी होगी, हालांकि कई अन्य मुद्दों पर आगे बातचीत होनी बाकी है।
खबरों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ सीधी वार्ता का समर्थन किया है।
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का कहर देखने को मिला। खैबर पख्तूनख्वा के कुछ हिस्सों में प्रकृति के इस प्रकोप की वजह से सात लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए।
खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान के पहाड़पुर शहर और आस-पास के गांवों में गुरुवार को तूफान और तेज बारिश के बाद कई घरों और दुकानों की छतें और दीवारें गिर गईं। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव दल और स्थानीय लोगों ने मलबे से पीड़ितों को ढूंढने के लिए राहत अभियान चलाया और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया।
मरने वालों में पहाड़पुर के दो युवक और जंदर गांव की दो महिलाएं शामिल हैं। एक घायल की पहचान अहमद अली के तौर पर हुई है जबकि अन्य लोगों के बारे में अधिक जानकारी नहीं है।
तेज हवाओं की वजह से इलाके में कई पेड़ उखड़ गए जबकि घरों और कार्यालयों पर लगे सोलर पैनल उखड़ गए। एक सबअर्बन इलाके में एक बाउंड्री वॉल और बाड़े में बंधे कई जानवरों की मौत हो गई।
आंधी-तूफान की वजह से बिजली आपूर्ति को भी नुकसान हुआ, जिससे पहाड़पुर और उसके आसपास के कई इलाकों में बिजली की सप्लाई रुक गई। खतरनाक हालात और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान की वजह से ठीक करने का काम तुरंत शुरू नहीं हो सका।
ओरकजई ट्राइबल जिले में गुरुवार को बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, रेस्क्यू 1122 के एक अधिकारी ने बताया कि निचले ओरकजई के सैम फिरोजखेल इलाके में हुई इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
तूफान के कारण बाजौर ट्राइबल जिले की वार मामुंड तहसील में एक सरकारी स्कूल की दीवार गिर गई और बिजली सप्लाई बाधित हो गई।
इस महीने की शुरुआत में आए एक रिपोर्ट के अनुसार, भले ही पाकिस्तान में आंधी-तूफान को लेकर पहले ही आकलन लगाकर तैयारी पूरी कर ली गई थी, लेकिन फिर भी वर्तमान हालात से निपटने के लिए जो भी कदम उठाए गए, वो तैयारी और जवाब के बीच के अंतर को सामने ला दिया है।
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