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दुनिया की खबरें: सऊदी रिफाइनरी पर हूती का बड़ा ड्रोन हमला और ट्रंप बोले- किम जोंग ने दिया सकारात्मक जवाब

हूती के दावे पर सऊदी अधिकारियों या अरामको की तरफ से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की गई, और हताहतों या नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

फोटो: IANS
फोटो: IANS 

यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी इलाके जजान में सऊदी अरामको की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है।

हूती के दावे पर सऊदी अधिकारियों या अरामको की तरफ से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की गई, और हताहतों या नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

हूती संचालित सबा न्यूज एजेंसी के हवाले से समूह के एक सूत्र ने कहा कि कई ड्रोन ने रिफाइनरी को निशाना बनाया और हमला "अचूक" था। सूत्र ने कहा कि यह हमला हूती के कब्जे वाले उत्तरी प्रांत सादा और हज्जाह के ऊपर "सऊदी के एयरस्पेस उल्लंघन" का जवाब था।

सिंहुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, मंगलवार की घोषणा जजान रिफाइनरी पर हमले को लेकर है। जबकि गुरुवार को, ग्रुप ने कहा था कि दो ड्रोन ने एक ही ठिकाने को निशाना बनाया था। इसके साथ ही सादा और हज्जाह के ऊपर सऊदी की कथित हवाई गतिविधि का भी जिक्र किया गया।

हाल ही में हूती ने यमन सरकार के कब्जे वाले इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। जिसमें रेड सी पोर्ट सिटी मोचा और तेल से भरपूर मारिब प्रांत शामिल हैं। इसके अलावा रेड सी और बाब अल-मंदाब में वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाने पर लिया गया।

यमन 2014 के आखिर से ही संघर्ष में फंसा हुआ है। तब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित उत्तरी यमन के ज्यादातर हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में दखल दिया था।

इंडोनेशिया के सुमात्रा में 6.1 तीव्रता का भूकंप

इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत में नियास द्वीप के पास मंगलवार को 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। देश की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने यह जानकारी दी। सिंहुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जान माल के नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं मिली।

एजेंसी ने बताया कि भूकंप दोपहर 1:02 बजे (स्थानीय समयानुसार) आया, जिसका केंद्र साउथ नियास रीजेंसी से लगभग 147 किमी दक्षिण-पूर्व में 29 किमी की गहराई पर था। इसने आगे कहा कि भूकंप से सुनामी आने का खतरा नहीं था।

यह इस महीने की शुरुआत में आए एक और तेज भूकंप के बाद आया है।इंडोनेशिया के ईस्ट नुसा तेंगारा (एनटीटी) प्रांत में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। जिसमें जान माल का काफी नुकसान हुआ था।

नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी (बीएनपीबी) यानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने सोमवार को बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। बीएनपीबी के प्रिवेंशन डिप्टी अब्दुल मुहरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "मौमंगराई रीजेंसी में 26, ईस्ट मंगराई में 24, नागेकेओ में आठ, सिक्का में चार, और एंडे, वेस्ट मंगराई और नगाडा में दो-दो लोगों की मौत हुई जबकि 213 अन्य घायल हुए हैं।" भूकंप के बाद से कम से कम 1,576 आफ्टरशॉक रिकॉर्ड किए गए थे।

आदेश के अनुसार, भूकंप का केंद्र नागेकेओ रीजेंसी में मबे से लगभग 30 किमी उत्तर-पूर्व में 15 किमी की गहराई पर था।

भूकंप से 914 घरों को भारी, 126 को मामूली और 317 को हल्का नुकसान पहुंचा था। इससे 93 शिक्षण केंद्र, 36 स्वास्थ्य सेवा केंद्र और 38 सरकारी कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचा।

किम जोंग ने दिया बातचीत के प्रस्ताव का सकारात्मक जवाब: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले तीन दिनों से जो कह-सुन रहे हैं वो नॉर्थ कोरिया के प्रति 'सॉफ्ट अप्रोच' की मुनादी करता है। अब उन्होंने दावा किया है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनके बातचीत के प्रस्ताव का जवाब दिया है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया किम ने कब और किस माध्यम से उनसे संपर्क किया या दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि बातचीत "बहुत सकारात्मक" रही।

सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि किम ने उनके बातचीत के प्रस्ताव का अब तक जवाब क्यों नहीं दिया, तो उन्होंने पलटकर कहा, ‘‘आपको कैसे पता कि उन्होंने जवाब नहीं दिया?’’ इसके बाद उन्होंने पुष्टि की कि किम ने जवाब दिया है।

ट्रंप ने किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किम ने उनके साथ हमेशा ‘‘बहुत सम्मान’’ के साथ व्यवहार किया है। ट्रंप ने कहा कि वह किम को समझते हैं और किम भी उन्हें समझते हैं।

ट्रंप और किम के बीच उनके पहले कार्यकाल के दौरान तीन आमने-सामने मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों की पहली मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी। इसके बाद फरवरी 2019 में हनोई और जून 2019 में दोनों नेताओं की पनमुनजोम में मुलाकात हुई थी।

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार किम का यह कथित जवाब ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में ‘‘काफी कमी’’ करने का आदेश दिया है। ट्रंप ने इसे उत्तर कोरिया के साथ फिर से संवाद शुरू करने की दिशा में एक अहम संकेत के तौर पर पेश किया है। प्योंगयांग लंबे समय से इन सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी बताता रहा है।

ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को ‘‘काफी कम’’ करने का निर्देश दिया है। उनका कहना था कि ये अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को ‘‘अनुचित और शत्रुतापूर्ण’’ संकेत देते हैं। ट्रंप ने अपने और किम के ‘‘बहुत अच्छे संबंधों’’ का हवाला देते हुए कहा कि वह ऐसे अभ्यासों से खुश नहीं हैं।

ट्रंप ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा को कमजोर करना नहीं, बल्कि स्थिति को "और सुरक्षित" बनाना है। उन्होंने दक्षिण कोरिया में तैनात करीब 39,000 अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है।

उधर, अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ ‘‘बिना किसी पूर्व शर्त’’ के बातचीत के लिए तैयार है। विभाग ने कहा कि ट्रंप ने यह रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। हालांकि, उत्तर कोरिया की ओर से ट्रंप के कथित प्रस्ताव या जवाब की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

भारत-इजरायल एफटीए पर फरवरी 2027 तक तस्वीर हो सकती है साफ, दो और दौर की बातचीत बाकी: इजरायली राजदूत

भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा है कि दोनों देशों के बीच इस समझौते पर वार्ता के दो और दौर होने की उम्मीद है और फरवरी 2027 तक इस पर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकती है।

अजार ने बताया कि पिछले वर्ष के अंत में दोनों देशों के बीच टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) पर सहमति बनी थी, जिसके बाद वार्ताओं की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने कहा कि दूसरा दौर पिछले महीने संपन्न हुआ और अब आगे की बातचीत अक्टूबर तथा संभवतः फरवरी 2027 में होगी।

उन्होंने कहा, "हम दो और दौर की बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं, एक अक्टूबर में और अंतिम दौर संभवतः फरवरी में होगा। मुझे लगता है कि तब तक हमें स्पष्ट रूप से पता चल जाएगा कि हम किस स्थिति में हैं।"

एफटीए से संभावित लाभों के बारे में पूछे जाने पर इजरायली राजदूत ने कहा कि अभी तक वार्ता मुख्य रूप से बाजार पहुंच से जुड़े पारंपरिक मुद्दों पर केंद्रित रही है। हालांकि बातचीत केवल शुल्क और व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पारस्परिक खरीद और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अवसर भी शामिल हैं।

अजार ने कहा कि बाजार पहुंच के मामले में कुछ चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल पहले ही कई क्षेत्रों में आयात शुल्क कम कर चुका है और दोनों देशों के बाजारों का आकार भी काफी अलग है। ऐसे में व्यापारिक संतुलन और पहुंच से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाना आसान नहीं होगा।

इसके बावजूद उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की सबसे बड़ी संभावना हाई-टेक सहयोग में है।

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि सबसे अधिक संभावना उच्च प्रौद्योगिकी (हाई-टेक) सहयोग में है।"

अजार ने आगे कहा कि तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, कृषि प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर बड़े अवसर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि नवाचार-आधारित सहयोग बढ़ने से इजरायली कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अधिक सक्रिय रूप से कार्य करना आसान होगा।

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