
ईरान के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि दुनियाभर के ‘‘पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल’’ तेहरान के दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे।
जनरल अबोलफजल शेखरची ने शुक्रवार को यह चेतावनी दी, क्योंकि ईरान अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों से लगातार प्रभावित हो रहा है।
इससे इस बात की चिंता फिर से बढ़ सकती है कि जैसे-जैसे युद्ध जारी रहेगा, ईरान दबाव बनाने की रणनीति के रूप में पश्चिम एशिया से बाहर आतंकवादी हमलों का सहारा ले सकता है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन द्वारा ऑनलाइन प्रकाशित एक बयान में शेखरची ने कहा, ‘‘अब से, आपके बारे में हमारे पास मौजूद जानकारी के आधार पर, दुनियाभर में कहीं भी पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल आपके लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे।’’
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अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया में तीन अतिरिक्त युद्धपोत और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों की तैनाती कर रही है।
अमेरिका के एक अधिकारी ने शुक्रवार को पुष्टि की कि ‘यूएसएस बॉक्सर’ और दो अन्य पोतों के साथ ही 11वीं ‘मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट’ के लगभग 2,500 मरीन सैनिक अपने गृह बंदरगाह सैन डिएगो से रवाना हो चुके हैं और पश्चिम एशिया की ओर जा रहे हैं।
दो अन्य अमेरिकी अधिकारियों ने जहाजों की तैनाती किए जाने की पुष्टि की, लेकिन यह नहीं बताया कि वे कहाँ जा रहे हैं।
तीनों अधिकारियों ने संवेदनशील सैन्य अभियानों पर चर्चा करने के लिए नाम उजागर न करने की शर्त पर बात की।
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रूस ने बुधवार को चेतावनी दी कि ईरान के बंदरगाह बंदर अंजली पर अमेरिका-इजराइल का “गैर-जिम्मेदाराना” हमला कैस्पियन क्षेत्र के देशों को जारी संघर्ष में घसीटने का जोखिम पैदा कर सकता है। मुंबई को सेंट पीटर्सबर्ग से जोड़ने वाले आईएनएसटीसी का एक प्रमुख पारागमन केंद्र है।
बहु-तरीका वाला अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी) स्वेज नहर को दरकिनार करते हुए मुंबई को ईरान के रास्ते सेंट पीटर्सबर्ग से जोड़ता है, जिससे एशिया और यूरोप के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलता है।
स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, 18 मार्च को कैस्पियन सागर तट पर स्थित बंदर अंजली में इजराइल-अमेरिकी संयुक्त हमले में सीमा शुल्क भवन और कुछ अन्य संरचनाएं नष्ट हो गईं।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, ‘‘हम ईरान में इजराइल और अमेरिका के हवाई हमलों के बढ़ते भौगोलिक क्षेत्र को लेकर चिंतित हैं। अमेरिकी-इजराइली गठबंधन पश्चिम एशिया में अपने द्वारा शुरू किए गए युद्ध को लगातार तेज कर रहा है।’’
जखारोवा ने कहा, ‘‘18 मार्च को कैस्पियन सागर पर स्थित ईरानी बंदरगाह अंजली पर बमबारी की गई। यह प्रमुख कैस्पियन बंदरगाह एक महत्वपूर्ण व्यापार और रसद केंद्र है, जिसका उपयोग रूसी-ईरानी व्यापार को समर्थन देने के लिए सक्रिय रूप से किया जाता है।’’
मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि रूस और अन्य कैस्पियन क्षेत्र के देशों के आर्थिक हित प्रभावित होते हैं, जो इस बंदरगाह के माध्यम से ईरान के साथ परिवहन संपर्क बनाए रखते हैं।
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ईरान ने शुक्रवार तड़के कुवैत की एक तेल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया और इजराइल में हमलों की चेतावनी के रूप में सायरन बजने लगे। वहीं, फारसी नववर्ष के अवसर पर तेहरान में इजराइली हमलों से भयावह विस्फोटों की आवाज सुनाई दी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाला यह युद्ध तीसरे सप्ताह के अंत के करीब पहुंच गया है और ईरान खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा संरचना पर अपने हमलों में कोई कमी करता नहीं दिख रहा। कुवैत ने कहा कि मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर सिलसिलेवार ढंग से दो बार हुए ड्रोन हमलों के कारण आग लग गई और दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए काम कर रहे हैं।
यह रिफाइनरी बृहस्पतिवार को ईरान के एक अन्य हमले में पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जिसकी क्षमता प्रतिदिन लगभग 7,30,000 बैरल तेल शोधित करने की है। यह फारस की खाड़ी में स्थित छोटे एवं तेल-समृद्ध राष्ट्र कुवैत में स्थित तीन तेल रिफाइनरियों में से एक है।
फारस की खाड़ी स्थित ईरान के विशाल साउथ पार्स अपतटीय प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर बुधवार को इजराइल द्वारा बमबारी किए जाने के बाद ईरान ने खाड़ी अरब देशों में ऊर्जा ठिकानों पर अपने हमले तेज कर दिए।
इजराइली सेना द्वारा ईरानी मिसाइल दिखने की चेतावनी जारी किए जाने के बाद यरुशलम में भी जोरदार धमाके सुने गए।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने एक दुर्लभ बयान में कहा कि ईरान के दुश्मनों को मिट्टी में मिलाने की जरूरत है।
मोजतबा खामेनेई युद्ध के पहले दिन इजराइल के हमले में मारे गए अपने पिता, 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह लिए जाने के बाद से नज़र नहीं आए हैं।
उनकी यह टिप्पणी उनकी ओर से राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान को भेजे गए एक बयान में आई। उन्होंने यह टिप्पणी इजराइल द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को मार दिए जाने के बाद की।
दुबई भारी विस्फोटों से तब दहल गया जब शहर में लोग रमजान महीने के समापन का त्योहार ईद अल-फितर मना रहे थे और जब मस्जिदों में दिन की पहली नमाज अदा की गई।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि रोके गए एक हवाई अस्त्र के छर्रे एक गोदाम पर गिरने के बाद आग लग गई। वहीं, सऊदी अरब ने कहा कि उसने देश के तेल-समृद्ध पूर्वी प्रांत को निशाना बनाने वाले कई ड्रोन को मार गिराया।
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यरूशलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद परिसर को दशकों के बाद पहली बार ईद की नमाज के लिए दशकों में पहली बार बंद किया गया है।
इससे पहले 1967 में पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान मस्जिद पूरी तरह बंद की गई थी। युद्ध के दौरान इजराइल ने पूर्वी यरूशलम और पुराने शहर पर कब्जा कर लिया था।
यह मस्जिद एक पहाड़ी परिसर में स्थित है, जो मुसलमानों और यहूदियों दोनों के लिए बहुत अहमियत रखती है। इस जगह पर दावे को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। इसे लेकर इतिहास में कई बार इजराइलियों और फलस्तीनियों के बीच टकराव हो चुका है।
ईरान युद्ध के दौरान सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इजराइल ने पुराने शहर के सभी धर्मों के उपासकों के लिए पवित्र स्थलों को बंद कर रखा है, हालांकि इन प्रतिबंधों का सबसे अधिक प्रभाव मुसलमानों पर पड़ा है क्योंकि हर शुक्रवार को हजारों मुसलमान अल-अक्सा में नमाज अदा करने के लिए आते हैं।
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