
सऊदी अरब में विकसित हो रही सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर भारतीय विमानन कंपनियों - एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस - ने शुक्रवार को कई सऊदी गंतव्यों के लिए अपनी उड़ान सेवाएं 20 अक्टूबर तक निलंबित करने की घोषणा की।
एयरलाइंस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी यात्रा परामर्श के अनुसार, रियाद, जेद्दा और दम्माम सहित सऊदी अरब के प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं अलग-अलग अवधि तक निलंबित रहेंगी। कुछ एयरलाइंस ने मदीना के लिए भी उड़ानें रद्द की हैं।
एयर इंडिया ने कहा, "सऊदी अरब में विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए रियाद, दम्माम और जेद्दा के लिए तथा वहां से संचालित होने वाली एयर इंडिया की सभी उड़ानें 20 अक्टूबर 2026 तक रद्द रहेंगी।"
एयरलाइन ने यह भी कहा कि इन रद्द उड़ानों से प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जाएगा।एयर इंडिया ने एक्स पर लिखा, "हमारे यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
इसी तरह एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी कहा कि उसने दम्माम, जेद्दा और रियाद के लिए तथा वहां से संचालित उड़ानों के निलंबन को 20 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा, "हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर अपने परिचालन की समीक्षा कर उसमें बदलाव करेंगे। हमारी टीमें प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही हैं।"
एयरलाइन ने रद्द उड़ानों के यात्रियों को मुफ्त री-शेड्यूलिंग या पूर्ण रिफंड का विकल्प भी दिया है। गुरुवार को इंडिगो ने भी स्थिति का आकलन करने के बाद रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना के लिए तथा वहां से संचालित उड़ानों को 24 अक्टूबर तक रद्द करने की घोषणा की थी।
ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के तहत कई बैंकों, कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों के तहत एक इराकी बैंक, ईरान से जुड़े ऑफशोर बैंक, दुबई में काम करने वाला एक ईरानी तेल कारोबारी नेटवर्क, हांगकांग की एक फ्रंट कंपनी और क्यूबा के एक सरकारी बैंक को निशाना बनाया गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, "ईरान की अर्थव्यवस्था पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है और उसके तथाकथित सहयोगी भी अब उसे नहीं बचा सकते।"
उन्होंने कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक ईरानी सरकार के आर्थिक संसाधन खत्म नहीं हो जाते और उसकी सैन्य गतिविधियों को सहारा देने वाले सभी वित्तीय रास्ते बंद नहीं कर दिए जाते।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन नेटवर्कों ने मध्य पूर्व और एशिया में शेल कंपनियों और विदेशी मुद्रा कारोबारियों के जरिए सैकड़ों मिलियन डॉलर का लेन-देन किया है। प्रतिबंधित लोगों में सैयद रूहोल्लाह रजावी भी शामिल हैं, जिन्हें अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी सरकार के प्रमुख तेल कारोबारियों में से एक बताया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, रजावी दुबई में रहते हैं और पहले अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी की ओर से हर महीने लाखों बैरल तेल विदेश भेजने का काम करते थे।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ऐसे नेटवर्क हांगकांग के रास्ते धन को यूएई और तुर्किये तक पहुंचाते हैं, जहां उसे सोने और नकदी में बदला जाता है। बाद में यह धन 'माहान एयर' की उड़ानों के जरिए ईरान और उसके समर्थक समूहों तक पहुंचाया जाता है।
'एलीटस्फीयर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड' नाम की हांगकांग स्थित कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आरोप है कि यह कंपनी ईरान के 'शहर बैंक' से जुड़े नेटवर्क के लिए धन के लेन-देन में मदद कर रही थी।
इसके अलावा, दुबई में रहने वाले ईरानी-डोमिनिकन नागरिक सादेघ बावी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अमेरिका का आरोप है कि वह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स (आईआरजीसी-क्यूएफ) से जुड़ी गतिविधियों में मदद कर रहे थे।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इराक स्थित इंटरनेशनल डेवलपमेंट बैंक फॉर इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस पर भी प्रतिबंध लगाया है। अमेरिका का आरोप है कि यह बैंक ईरान को अमेरिकी डॉलर तक पहुंच उपलब्ध करा रहा था। इसके साथ ही ईरान के दो ऑफशोर बैंक, जजीरेह इंटरनेशनल बैंक कंपनी और चाबहार इंटरनेशनल बैंक ओवरसीज कंपनी भी प्रतिबंधों के दायरे में आ गए हैं।
यूक्रेन के नौ क्षेत्रों पर रूसी हमलों के कारण शुक्रवार को लाखों घरों की बिजली आपात रूप से काटनी पड़ी और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 15 लोग घायल हुए हैं। रूस के आक्रमण में नागरिकों के हताहत होने की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
नागरिक ठिकानों पर हालिया हवाई हमले ऐसे समय हुए हैं, जब इस सप्ताह यूक्रेन और अमेरिका के बीच संबंधों में आई तल्खी से यह आशंका बढ़ गई है कि कड़ाके की सर्दी नजदीक आने के साथ रूस के बढ़ते हवाई हमलों का सामना करना यूक्रेन के लिए और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सर्दी शुरू होने से पहले बिजली ग्रिड पर रूस की भारी बमबारी युद्ध के दौरान हर साल देखने को मिलती रही है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों और पानी की सुविधा से वंचित कर यूक्रेन की युद्ध जारी रखने की इच्छाशक्ति को कमजोर करना है। यूक्रेन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस आने वाले महीनों में और हमले करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का भंडार जमा कर रहा है।
यूक्रेन ने बृहस्पतिवार को ऊर्जा-संबंधी ठिकानों पर हमले रोकने के लिए लागू अल्पकालिक संघर्षविराम को समाप्त कर दिया। उसका कहना है कि मॉस्को ने इसका पालन नहीं किया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की मांग की थी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को यूरोपीय संघ के नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। ये नेता रूसी आक्रामकता और यूरोपीय महाद्वीप में मॉस्को की व्यापक योजनाओं को लेकर उनकी चिंताओं से सहमत हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की भारत की आधिकारिक यात्रा की तैयारियां जारी हैं, हालांकि अभी तक यात्रा की तारीख और एजेंडा तय नहीं हुआ है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गत 27 मार्च को पदभार संभालने वाले शाह ने अभी तक किसी देश की आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा नहीं की है। वह सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने अमेरिका गए थे।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता के नेतृत्व में मार्च में सरकार बनने के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाह को भारत आने का निमंत्रण दिया था। प्रस्तावित यात्रा पड़ोसी देश की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा होगी।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यात्रा की तारीख दोनों देशों के बीच आपसी सहमति से तय की जाएगी।
छेत्री ने कहा कि मंत्रालय शाह की भारत यात्रा के लिए नियमित तैयारियां कर रहा है। यह यात्रा नेपाल के प्रमुख हिंदू त्योहारों विजयादशमी, दीपावली और छठ के समाप्त होने के बाद हो सकती है।
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